शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसेवाओं में सुधार पर फोकस, जवाबदेही तय कर प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को नई दिशा देने का प्रयास..

मैहर। जिला बनने के बाद प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करना, विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना और आम नागरिकों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना मैहर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती रही है। पिछले कुछ महीनों में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने तथा शिकायतों के त्वरित निराकरण की दिशा में प्रयास दिखाई दिए हैं।

कलेक्टर ने सबसे अधिक जोर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर दिया है। समीक्षा बैठकों में लगातार लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है। संतुष्टि प्रतिशत कम रहने पर 35 से अधिक विभागीय अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, वहीं स्पष्ट संदेश दिया गया कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। हाल ही में यह भी निर्देश दिए गए कि यदि कोई विभाग लगातार बी ग्रेड में रहा तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध वेतन कटौती जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासनिक बैठकों में केवल समीक्षा तक सीमित न रहकर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का प्रयास भी किया गया है। सीमांकन, नामांतरण, अवैध कब्जे, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य जनहित के मामलों में नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। कई मामलों में संयुक्त जांच समितियों का गठन कर निर्धारित समय-सीमा में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में मैहर स्थित एक निजी अस्पताल के विरुद्ध लगातार मिल रही शिकायतों पर चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों में प्रशासन शिकायतों को गंभीरता से लेकर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करना चाहता है।










