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आखिर कब रुकेगी घूसखोरी? प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप……

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सूत्रों का दावा- किस्त जारी करने से पहले ₹30 हजार की मांग, लाभार्थी बोला- नाम बताऊंगा तो पैसा अटकने का डर……
सतना। गरीबों को पक्के मकान का सपना साकार करने के लिए चलाई जा रही प्रधानमंत्री आवास योजना पर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार, सतना नगर निगम में योजना की स्वीकृत राशि जारी करने से पहले कुछ कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से रिश्वत की मांग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
एक लाभार्थी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि उसका प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रकरण स्वीकृत हो चुका है और मकान निर्माण के लिए राशि उसके खाते में आनी है। उसका आरोप है कि संबंधित अधिकारी/कर्मचारी द्वारा पहले ₹30,000 देने की मांग की गई और कहा गया कि इसके बाद ही राशि खाते में ट्रांसफर कराई जाएगी।
पीड़ित का कहना है कि यदि वह खुलकर अपना नाम बताएगा तो उसे डर है कि उसकी फाइल या भुगतान में अनावश्यक अड़चनें खड़ी कर दी जाएंगी। इसी आशंका के कारण वह सामने आने से बच रहा है।
यदि ये आरोप सही हैं, तो यह न केवल सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि उन गरीब परिवारों के अधिकारों पर भी चोट है, जिनके लिए यह योजना शुरू की गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
ऐसे में आवश्यकता है कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएं और यदि किसी स्तर पर अनियमितता या रिश्वतखोरी पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। सबसे बड़ा सवाल यही है,
गरीबों के आशियाने की उम्मीद पर रिश्वत का साया आखिर कब खत्म होगा?……..
Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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