भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ और दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने मंगलवार को सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल जिलों में भारी बारिश (हैवी रेन) का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

राजधानी भोपाल में मंगलवार सुबह रिमझिम बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, विदिशा, राजगढ़, सीहोर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंडवा, देवास, मंदसौर, रतलाम सहित कई जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 336.7 मिमी (13.2 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 407 मिमी (16 इंच) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब तक करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है।

प्रदेश के 48 जिले सामान्य से कम बारिश वाले श्रेणी में हैं, जबकि भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां सामान्य से करीब 29 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
मौसम वैज्ञानिक शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम बंगाल–उत्तर ओडिशा तट के पास पहुंच चुका है और अब झारखंड व छत्तीसगढ़ होते हुए मध्य भारत की ओर बढ़ेगा। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।









