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100 दिनों बाद बिहार में उद्योग विकास को मिलेगी नई रफ्तार

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पटना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार के पहले 100 दिनों में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए। अब सरकार का अगला चरण इन सभी नीतियों को मजबूती से सरजमी पर उतारना होगा।

पूरा फोकस बिहार में निवेश एवं उद्योग को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार का नया केंद्र बनाने पर होगा। इसे लेकर राज्य सरकार के स्तर से एक विस्तृत दस्तावेज तैयार किया गया है।

ताकि सभी भावी योजनाओं को समुचित तरीके से मूर्तरूप दिया जा सके।100 दिनों के दौरान घोषित औद्योगिक, निवेश और व्यापार-अनुकूल नीतियां आने वाले महीनों में बड़े निवेश व रोजगार सृजन का आधार बनेगी।

बिहार स्वयं को पूर्वी भारत के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकता है।

इस 100 दिवसीय पुस्तिका में उद्योग, निवेश, डिजिटलीकरण और नागरिक-केंद्रित शासन पर दिए गए जोर के अनुरूप है।

अगले चरण में सरकार की प्राथमिकताएं
सरकार के स्तर से औद्योगिक निवेश के प्रोत्साहन से जुड़ी सशक्त नीतियों को निवेशकों तक सुलभता से पहुंचने की कवायद की जाएगी।

लाइसेंस, एनओसी एवं अन्य दस्तावेजों को समयबद्ध स्वीकृति प्रदान करने की सुविधा के साथ ही भूमि आवंटन और परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन पर विशेष जोर रहेगा।

ईज आफ डूइंग बिजनेस 2.0
उद्योग स्थापित करने की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, डिजिटल तथा पारदर्शी बनाकर बिहार को निवेश के लिए प्रतिस्पर्धी राज्य के रूप में विकसित करने की दिशा में खासतौर से पहल की जाएगी। इससे राज्य में निवेश बढ़ने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

ग्रीन इंडस्ट्री और ईवी इकोसिस्टम
इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के तहत बैटरी चालित वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क, विनिर्माण, बैटरी रीसाइक्लिंग उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा। इससे बिहार स्वच्छ औद्योगिक विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा।

एमएसएमई और स्टार्टअप को नई ऊर्जा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों, स्थानीय उद्यमिता और स्टार्टअप आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर रहेगा।

Aditya
Author: Aditya

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