Edition

चित्रकूट के जंगलों में बाघ की दस्तक, धारकुंडी मार्ग पर दिखने से इलाके में हलचल…..

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र में बाघों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। रविवार शाम धारकुंडी से अघमर्षण कुंड जाने वाले मार्ग पर एक वयस्क बाघ सड़क पर बेखौफ टहलता दिखाई दिया। पीछे से आ रहे लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। घटना के बाद क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ कुछ देर तक सड़क पर आराम से चलता रहा। इसी दौरान सामने से एक चार पहिया वाहन आता दिखाई दिया। वाहन को देखते ही बाघ सड़क छोड़कर जंगल की ओर चला गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

घटना के बाद धारकुंडी आश्रम प्रबंधन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे जंगल क्षेत्र में अनावश्यक रूप से अकेले न जाएं और वन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

मझगवां वन परिक्षेत्र का करीब 13,925 हेक्टेयर क्षेत्र बाघों की नियमित आवाजाही का हिस्सा माना जाता है। घने जंगल, पर्याप्त जल स्रोत और वन्यजीवों की उपलब्धता के कारण यह इलाका बाघों के लिए अनुकूल आवास बन चुका है। यहां नर बाघ, बाघिन और उनके शावक स्वाभाविक रूप से विचरण करते हैं।

करीब एक सप्ताह पहले बुंदेलापुर क्षेत्र में पौधरोपण स्थल के पास एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ सड़क पार करती दिखाई दी थी। उस समय मझगवां रेंजर का वाहन भी मौके पर मौजूद था और पूरा घटनाक्रम उनके सामने हुआ था। लगातार सामने आ रही घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि मझगवां रेंज में बाघों की सक्रियता पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है।

बाघों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त और निगरानी तेज कर दी है। विभाग का उद्देश्य बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित करना, शिकार जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष की संभावनाओं को कम करना है। वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बाघ दिखाई दे तो उसके पास जाने या उसे परेशान करने का प्रयास न करें तथा तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!