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बारिश थमी तो झुलसने लगीं फसलें, बगहा में मौसम बदलने के आसार

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 बगहा
 बीते एक पखवारे में बादलों ने जमघट लगाई तो किसानों की बाछे खिल गईं। अमृत वर्षा ने जहां गन्ने की फसल को नवजीवन दिया तो वही पारंपरिक गीतों के बीच धरती की कोख में धान के बिचड़े डाले जाने लगे। खेती ने परवाज भरी तो किसानों के चेहरे की आभा को चार चांद लग गए।

इस बीच बीते चार दिनों से मौसम ने ऐसी तल्खी दिखाई है कि किसान भविष्य को लेकर आशंकित नजर आने लगे हैं। बादलों की आवाजाही तो लगी है, लेकिन इनकी दगाबाजी ने धरती का तापमान आसमान तक पहुंचा दिया हैं।

रविवार को पूर्वी हवाओं के बावजूद बगहा का तापमान 39-40 डिग्री तक जा पहुंचा। उधर, तापमान बढ़ने से आम जन जीवन अस्त व्यस्त होकर रह गया हैं। दोपहर में सड़कें सूनी दिख रहीं हैं तो स्कूलों में बच्चों की आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही। वर्षा नहीं होने से लोगों की उम्मीदों पर पानी फिरता जा रहा है।

झुलसने लगीं फसलें
वहीं, पिछले चार दिनों तक पड़ी गर्मी के कारण खेतों में लगी फसल तेज धूप और गर्म हवा से झुलसने लगी हैं। किसान खेत से शाम को लौटते वक्त हालत बेहद खराब हो जा रही है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण कई बीमारियां के मामले भी सामने आने लगे हैं।

भीषण गर्मी से बचाव के लिए लोग ठंडे पदार्थों का सेवन कर रहे हैं और दोपहर के समय घरों में रहना ही बेहतर समझ रहे है। वही, फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों की परेशानी बढ़ गयी है कड़ी धूप के कारण ग्राहक उनकी दुकानों तक नहीं पहुंच रहे। जिससे रोजगार पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गन्ने का रस व सत्तू की बिक्री में तेजी आई है तो सामान्य दुकानों से भीड़ नदारद है।

विद्यालयों में झुलस रहा बचपन
गर्मी और उमस के बीच विद्यालयों के संचालन की चुनौती बनी हुई है। ख़ासकर प्रारंभिक कक्षाओं में दिन के उमस के बीच बच्चों का पठन पाठन दुश्वारियों से भरा हुआ है। दोपहर बाद छुट्टी होने पर बच्चों को घर पहुंचने में भी काफी परेशानी हो रही है।

अगले कुछ दिनों में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में मौसम का मिजाज बदलेगा। बगहा दो के क़ृषि विभाग के कर्मियों ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को बारिश के आसार हैं।

यह बारिश धान और गन्ने की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। उल्लेखनीय है कि मौसम की बेरुखी से कुछ किसानों ने अबतक धान की रोपनी नहीं की है, यदि बारिश होती है तो किसानों को काफी लाभ पहुंचेगा।

 

Aditya
Author: Aditya

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