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अब मोबाइल ऐप से खरीद सकेंगे गाय-भैंस, हर पशु की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल

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यमुना नगर.

अब पशुपालकों को अच्छी नस्ल की गाय, भैंस या बकरी खरीदने के लिए पशु मेलों और डेयरियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पशुपालन विभाग मुंह-खुर और गलघोटू रोग के टीकाकरण अभियान के साथ प्रदेश के करीब 70 लाख पशुओं का डिजिटल प्रोफाइल तैयार कर रहा है।

भारत पशुधन एप पर पशुओं की नस्ल, उम्र, स्वास्थ्य, टीकाकरण और दूध उत्पादन क्षमता जैसी जानकारी उपलब्ध होगी। इससे पशुपालक घर बैठे अपनी जरूरत के अनुसार पशु तलाश सकेंगे और खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी। पशु पालन विभाग ने इस बार टीकाकरण अभियान को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा है। प्रदेशभर में 550 से अधिक पशु चिकित्सक और 2500 पशुधन विकास सहायक (वीएलडीए) अभियान में लगे हुए हैं। टीमें गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर पशुओं को टीके लगाने के साथ उनका ऑनलाइन रिकॉर्ड भी तैयार कर रही हैं। विभाग का उद्देश्य पशुधन का प्रमाणिक और अद्यतन डेटाबेस तैयार करना है।

खरीदार को अब पहले ही मिलेगी पूरी जानकारी
डेटाबेस तैयार होने के बाद पशुपालक अपनी जरूरत के अनुसार पशुओं की जानकारी आनलाइन देख सकेंगे। यदि कोई अधिक दूध देने वाली मुर्राह भैंस या किसी विशेष नस्ल की गाय की तलाश कर रहा है तो उसे संबंधित जानकारी आसानी से मिल जाएगी। इससे पशु खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता और क्षमता का आकलन किया जा सकेगा। डेयरी व्यवसायी भूपेंद्र कुमार और कुलदीप सिंह का कहना है कि यह पहल पशुपालकों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

ओटीपी सत्यापन के बाद होगा पंजीकरण
प्रत्येक पशु का आनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है। इसके लिए पशुपालक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही पशु का रिकॉर्ड पोर्टल पर अपलोड होता है। विभाग का कहना है कि इससे डेटा की शुद्धता बनी रहेगी और भविष्य में योजनाओं का लाभ पात्र पशुपालकों तक पहुंचाना आसान होगा।

सुरक्षित प्रक्रिया है ओटीपी सत्यापन
पशुपालन विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. सतबीर सिंह ने बताया कि टीकाकरण के साथ पशुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। ओटीपी सत्यापन पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। पशुपालक चाहें तो टीम के पहचान पत्र की जांच कर सकते हैं।

ऐसे पता चलेगा दूध उत्पादन के बारे में
भारत पशुधन एप पर पशुपालक का नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। साथ ही पशु का फोटो, नस्ल, रंग, उम्र, स्वास्थ्य स्थिति व दूध उत्पादन क्षमता जैसी जानकारियां भी अपलोड होंगी। टीकाकरण का रिकॉर्ड भी इसी प्लेटफार्म पर उपलब्ध रहेगा। पशु की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी।

Aditya
Author: Aditya

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