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बिहार में नवंबर 2026 से फिर शुरू होंगी तीन बंद चीनी मिलें

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पटना  
बिहार की बंद नौ चीनी मिलों की जमीन निवेशकों को सौंपने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए सरकार ने चीनी उपक्रम (अधिग्रहण) अधिनियम में संशोधन किया है। इसके बाद बंद चीनी मिलों की जमीन का स्वामित्व निजी कंपनियां या सहकारी समितियों को सौंपी जा सकेगी। सरकार ने राज्य की बंद नौ चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। सकरी और रैयाम दो मिलों का संचालन सहकारिता विभाग के जरिए होना है। अन्य मिलों के संचालन के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है। इसके लिए बंद मिलों की जमीन सहकारी समितियों या निवेशकों को सौंपा जाना जरूरी है। बंद चीनी मिलों का अधिग्रहण चीनी विकास निगम ने किया था। इसका स्वामित्व अभी भी निगम के पास है।

इस कारण 1985 में बने अधिनियमि के अनुसार मिल का संचालन सिर्फ राज्य सरकार ही कर सकती थी। इसलिए बिना स्वामित्व बदले जमीन सौंपने की प्रक्रिया पर विधि विभाग को आपत्ति थी। अब गन्ना उद्योग विभाग ने जमीन हस्तांतरण के लिए अधिनियम में संशोधन कर लिया है।

नवंबर 2026 से तीन मिलें शुरू होंगी
पहले चरण में तीन बंद चीनी मिलें शुरू होंगी। इसमें मधुबनी जिले की सकरी, दरभंगा जिले की रैयाम और गोपालगंज जिले की सासामूसा चीनी मिल है। राज्य सरकार ने नवंबर 2026 से यहां पेराई शुरू करने का निर्णय लिया है। सकरी और रैयाम चीनी मिल का संचालन सहकारिता विभाग के जरिए होगा। सासामूसा के लिए निवेशक का चयन किया जा रहा है।

बता दें कि बिहार सरकार की सात निश्चय-3 के अंतर्गत "समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार" के लक्ष्य को साकार करने के लिए राज्य में चीनी उद्योग एवं गन्ना आधारित अर्थव्यवस्था को नई गति देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। गन्ना उद्योग विभाग इसके लिए व्यापक एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कर रहा है।

गन्ना उद्योग विभाग द्वारा नई चीनी मिलों की स्थापना, निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी सहयोग, गन्ना क्षेत्र विस्तार तथा किसानों की आय वृद्धि को केंद्र में रखकर कार्य किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी पहल की निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न परियोजनाओं एवं निवेश प्रस्तावों की नियमित समीक्षा कर रही है।

राज्य सरकार एवं सहकारिता विभाग द्वारा राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ (एनएफसीएसएफ), नई दिल्ली के साथ महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया गया है। इस समझौते के अंतर्गत बंद पड़ी सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों की तकनीकी एवं आर्थिक संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन कराया गया है। एनएफसीएसएफ द्वारा दोनों चीनी मिलों की संभाव्यता फिजिब्लिटी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। गत दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में सकरी एवं रैयाम चीनी मिलों के पुनः संचालन हेतु इंडियन पोटाश लिमिटेड से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

Aditya
Author: Aditya

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