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मध्यप्रदेश में ट्रैफिक नियम होंगे और कड़े! 60 दिन में चालान जमा नहीं किया तो बढ़ सकती है परेशानी

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भोपाल

परिवहन विभाग की लापरवाही से मध्य प्रदेश में बार – बार यातायात नियम तोड़ने वाले वाहनों पर विभाग अब शिकंजा कसेगा। पत्रिका के खुलासे के बाद अब तक सिर्फ ई-चालान कर कुंभकर्णी नींद में सोने वाला विभाग इस व्यवस्था को सख्ती करने की तैयारी करने के दावे कर रहा है। नई प्रस्तावित नीति के तहत ई – चालान जारी होने के बाद 60 दिन के अंदर जुर्माना जमा भरना अनिवार्य होगा। ऐसा न होने पर वाहन मालिक और चालक पर कार्रवाई होगी।

फिर भी नियम तोड़ने वाले बेखौफ
प्रदेश में ई-चालान की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2023 में करीब 90 हजार, 2024 में करीब 13 लाख और 2025 में 18 लाख से ज्यादा ई-चालान हुए। इसके बावजूद बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

परिवहन विभाग बोला- नियम तोडऩे वालों पर प्रभावी कार्रवाई उद्देश्य
परिवहन विभाग के शीर्ष अफसरों के अनुसार, नई व्यवस्था का उद्देश्य सिर्फ चालान की राशि वसूलना नहीं, बल्कि बार – बार नियम तोड़ने वाले वाहनों और चालकों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करना है।

मियाद पूरी, तब क्या होगा?
प्रस्तावित नीति में तय किया जा रहा है कि, 60 दिन की मियाद पूरी होने के बाद बकाया ई – चालान वाले वाहनों पर कैसी कार्रवाई होगी। इसमें नोटिस, वाहन के दस्तावेज से जुड़ी कार्रवाई, परमिट या फिटनेस पर रोक व गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

एक्सपर्ट व्यू
विशेषज्ञों की मानें तो चालान काटना तब प्रभावी है, जब उसके बाद की कार्रवाई भी सुनिश्चित हो। 60 दिन की समय सीमा के साथ चालान भुगतान की निगरानी, लंबित चालानों की स्वत: पहचान, बार-बार उल्लंघन करने वालों के लिए रिस्क कैटेगरी बनाना जरूरी है। वाहन, चालक और चालान का डेटा एकीकृत होने पर स्थायी सुधार संभव होगा।

 

Aditya
Author: Aditya

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