शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से सिंधिया रियासतकाल की लगभग 3,500 किलोग्राम (35 क्विंटल) वजनी ऐतिहासिक तोप चोरी होने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया और चोरी की गई तोप को मध्य प्रदेश से राजस्थान ले जाया गया हो सकता है।

पुलिस के अनुसार, इतनी भारी तोप को किले से नीचे उतारने के लिए आरोपियों ने रजाइयों, गद्दों, मजबूत रस्सियों और अन्य तकनीकी साधनों का इस्तेमाल किया होगा, ताकि किसी प्रकार का शोर न हो। माना जा रहा है कि इस वारदात में कई लोगों की भूमिका रही और भारी उपकरणों की भी मदद ली गई।
सूत्रों के मुताबिक, जांच का फोकस अब राजस्थान के करौली क्षेत्र पर है। मध्य प्रदेश और राजस्थान पुलिस संयुक्त रूप से संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक चोरी हुई ऐतिहासिक तोप बरामद नहीं हो सकी है।
इस घटना ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नरवर किला मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण विरासतों में शामिल है। इतिहासकारों और विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे महत्वपूर्ण स्मारकों पर आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और नियमित गश्त की व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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