Edition

छह सप्ताह का क्राइम सीन मैनेजमेंट प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वैज्ञानिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) ने एक और कदम बढ़ाया है। संस्थान में 'क्राइम सीन मैनेजमेंट' कोर्स के पांचवें बैच का प्रशिक्षण पूरा हो गया। छह सप्ताह तक चले प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न कमिश्नरेट और जनपदों के 94 पुलिस अधिकारियों को वैज्ञानिक प्रबंधन, साक्ष्य संरक्षण, साइबर फोरेंसिक और आधुनिक विवेचना तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। जिसका उद्देश्य है कि विवेचना वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित हो, ताकि अदालत में मजबूत पैरवी हो और दोषियों को सजा दिलाने की दर बढ़े।

समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व पुलिस महानिदेशक डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान का मूल उद्देश्य जांच को सशक्त बनाकर न्याय प्रणाली को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि डीएनए, फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण अपराधियों की पहचान और सफल विवेचना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिए अपराध स्थल से साक्ष्यों का संकलन अत्यंत उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए, तभी उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षित अधिकारियों से अपने-अपने जनपदों में ट्रेनर ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) के रूप में अन्य पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने विश्वस्तरीय फोरेंसिक शिक्षा और विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से इस संस्थान की स्थापना की है।

यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा कि कानून के साथ विज्ञान का संगम ही फॉरेंसिक विज्ञान है। न्याय की पहली सीढ़ी पुलिस तैयार करती है। उप महानिरीक्षक हेमराज मीना ने प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। वहीं उप निदेशक जितेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि छह सप्ताह के प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को क्राइम सीन मैनेजमेंट के साथ साइबर फोरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य संरक्षण और आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे अपने जनपदों में वैज्ञानिक विवेचना को और प्रभावी बना सकें। समारोह में उप निदेशक चिरंजीब मुखर्जी, अतुल यादव, डॉ. पोरवी सिंह, विवेक कुमार, डॉ. सपना, डॉ. श्रुतिदास गुप्ता, डॉ. शाश्या मिश्र, डॉ. स्वप्निल, डॉ. पलक, आरआई शैलेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!