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रावी नदी खनन विवाद पर NGT का निर्णय, आरोप साबित नहीं हुए, मामला हुआ समाप्त

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चंडीगढ़
 राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की प्रधान पीठ ने पंजाब के पठानकोट-गुरदासपुर क्षेत्र में रावी नदी में कथित अवैध रेत-बजरी खनन, अस्थायी सड़कों के निर्माण और पर्यावरणीय क्षति से जुड़े मामले का निस्तारण कर दिया है। अधिकरण की ओर से गठित संयुक्त जांच समिति को मौके पर किसी भी प्रकार की अवैध खनन गतिविधि का प्रमाण नहीं मिला।

मामले में आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी (न्यायिक सदस्य) और डा. ए सेंथिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने मूल आवेदन संख्या 265/2026 जतिंदर सिंह औलख बनाम पंजाब राज्य एवं अन्य मामले में पारित किया है। जानकारी अनुसार मामले की शुरुआत 31 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के जन शिकायत पोर्टल पर दर्ज शिकायत से हुई थी।

सर्वोच्च न्यायालय के मुंबई महानगरपालिका बनाम अंकिता सिन्हा मामले में दिए गए निर्णय के आधार पर अधिकरण ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे मूल आवेदन के रूप में दर्ज किया था।

रेत-बजरी खनन का था आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला पठानकोट के गांव मरारा-अदालतगढ़ तथा गुरदासपुर क्षेत्र में रावी नदी के तल और बाढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत-बजरी खनन किया जा रहा है। साथ ही नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने के लिए अस्थायी सड़कें बनाई गई हैं, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।

मामले की जांच के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा जिला प्रशासन पठानकोट के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई। समिति ने 15 जून 2026 को स्थल का निरीक्षण कर 2 जुलाई 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी।

रावी का प्रवाह मिला सामान्य
रिपोर्ट अनुसार शिकायत में उल्लेखित अस्थायी सड़कें हटाई जा चुकी हैं, रावी नदी के क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कर दी गई है तथा नदी का प्राकृतिक प्रवाह पूरी तरह सामान्य है। समिति ने स्पष्ट किया कि गांव मरारा और अदालतगढ़ क्षेत्र में वर्तमान में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के बाद किसानों के खेतों में जमा गाद, रेत और नदी जनित सामग्री हटाने के लिए पंजाब सरकार ने केवल एकमुश्त राहत उपाय के रूप में 31 दिसंबर 2025 तक सीमित अवधि की अनुमति दी थी। इन निष्कर्षों के आधार पर एनजीटी ने मामले का निस्तारण कर दिया।

Aditya
Author: Aditya

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