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ललितपुर और विंध्य में फॉस्फोराइट मिला, यूपी बनेगा खनिज उत्पादन में मजबूत

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लखनऊ
ओवर लोडिंग, अवैध खनन, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय की जांचों से उबरकर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर (एक लाख करोड़ डॉलर) की अर्थव्यवस्था में मददगार बन रहा है। ललितपुर व विंध्य पर्वत श्रंखला पर फॉस्फोराइट का भंडार मिला है, जिसे निकालने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मांगी गयी है। अनापत्ति मिलने पर खनन प्रारम्भ कराया जाएगा। राज्य में फास्फोराइट की उपलब्धता से दलहनी खेती, पुष्प, बागवानी की लागत कम होगी।

भूतत्व एवं खनिकर्म की सचिव व निदेशक माला श्रीवास्तव ने बताया कि मौरंग, पत्थर, बालू खनन से सरकार को नौ सालों में 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आर्जित हुआ है जबकि वर्ष 2017 तक सिर्फ 4,700 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। अब तक 66 अवैध खनन क्षेत्रों की पहचान कर बंद कराया गया है।

नये खनिज, लौह अयस्क की उपलब्धता पर शोध चल रहे हैं। विंध्य पर्वत श्रंखला और ललितपुर में फास्फोराइट के चार ब्लाक मिले थे। जिनमें खनन के लिए तीन कंपनियों ने दिलचस्पी दिखायी है। खनन के लिए केन्द्र सरकार के वन पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति आवश्यक है, मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से अनुमति के लिए प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त राज्य के पहाड़ों में अभ्रक, चूना पत्थर, संगमरमर, सिलकासैंड की उपलब्धता के वैज्ञानिक प्रमाणों का परीक्षण भी चल रहा है।

श्रीवास्तव ने बताया कि निदेशालय में नई तकनीक पर आधारित पीजीआरएस प्रयोगशाला बनायी गयी है, जिसके जरिये इंटीग्रेटेड माइनिंग सर्विलांस सिस्टम (आईएमएसएस), जियो-फेंसिंग, आएफआईडी टैग, एआई एवं आइओटी आधारित चेकगेट की निगरानी होती है। एम-सैंड नीति-2024 पर अमल किया जा रहा है।

जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ वैकल्पिक निर्माण सामग्री को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल कर रहा है। जिससे राजस्व में बढ़ोत्तरी हो रही है। मौजूदा समय में राज्य को कृषि, बागवानी के लिए फॉस्फोरस राजस्थान से खरीदना पड़ता है।

Aditya
Author: Aditya

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