Edition

जम्मू-कश्मीर में आतंक पर सख्ती, आशिक हुसैन के हत्यारों के घर अनंतनाग में तबाह

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

 अनंतनाग  

दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रशासन ने बुधवार देर रात बड़ी कार्रवाई की. हेड कॉन्स्टेबल की हत्या के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों के मकान ढहा दिए गए हैं. गुरुवार को अधिकारियों ने देर रात चले इस ऑपरेशन की जानकारी दी। 

दरअसल, बुधवार को  दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग के लाल चौक में जम्मू-कश्मीर पुलिस के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. वे अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे. स्थानीय प्रशासन ने पुलिसकर्मी की हत्या की सजा के तौर पर आरोपियों के मकान को ढहा दिया। 

गोली मारकर की थी पुलिसकर्मी की हत्या 
आतंकियों की पहचान बिजबेहारा के गुरी निवासी आदिल ठोकर और हसनपोरा निवासी  हारून गनई के रूप में हुई है. आतंकियों ने अनंतनाग में पुलिसकर्मी आशिक हुसैन कुरैशी को बहुत करीब से निशाना बनाया. लाल चौक पर आतंकियों ने उन पर गोलीबारी की. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 

मृतक आशिक हुसैन कुरैशी भारतीय रिजर्व पुलिस में तैनात थे. वे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के साथ भी जुड़े हुए थे. आशिक हुसैन कुरैशी अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। 

प्रशासन ने दो आतंकियों के मकान ढहाए
हेड कॉन्स्टेबल का मर्डर उस समय हुआ, जब वे अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे. उस समय अमरनाथ यात्रा खराब मौसम के कारण अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई थी. अधिकारियों ने बताया कि मकान ढहाने की कार्रवाई का मकसद पूरे इलाके में आतंकी नेटवर्क को खत्म करना और उग्रवादियों के इस्तेमाल किए जाने वाले लॉजिस्टिकल सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को नष्ट करना है। 

जम्मू-कश्मीर पुलिस यह कार्रवाई  आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक, आर्थिक, संचार, परिवहन और ठिकाने जैसी मदद देने वाले नेटवर्क की पहचान करने के लिए कर रही है। 

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ था आतंकी हमला 
पहलगाम आतंकी हमले को पूरा एक साल बीत चुका है, जब पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को आतंकियों ने बैसरन घाटी में निर्दोष पर्यटकों को निशाना बनाया था. इस दर्दनातक हादसे में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद पूरे देश में सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए. हमलावरों ने कथित रूप से वहां मौजूद लोगों से उनका धर्म पूछकर उनपर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं, जिसने घाटी समेत पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 

भारत ने इस आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में बड़े हवाई हमले किए. पाकिस्तान के कई एयरबेस को तबाह कर दिया गया. इतना ही नहीं आतंकियों पर चोट करते हुए भारतीय सेना ने जबरदस्त मिसाइलें दागी थीं. भारत ने साथ ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अब अगर आतंकी हमला होता है तो उसे "एक्ट ऑफ वॉर" माना जाएगा। 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!