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सतना अस्पताल के बाहर एम्बुलेंस चालकों की मनमानी, सिविल सर्जन बोले- नहीं मानते नियम

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अस्पताल गेट पर एम्बुलेंस चालकों की मनमानी, दलाली के कारण बिगड़ रही व्यवस्था: सिविल सर्जन

सतना। जिला अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम और अव्यवस्थित यातायात को लेकर अस्पताल प्रशासन ने पहली बार खुलकर स्थिति स्पष्ट की है। सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह ने स्वीकार किया कि 108 सहित अन्य निजी एम्बुलेंस निर्धारित पार्किंग में खड़ी होने के बजाय मुख्य गेट के पास ही डेरा जमाए रहती हैं। उनके अनुसार, मरीजों को निजी अस्पतालों तक ले जाने की कथित दलाली के कारण चालक अस्पताल परिसर में ही वाहन खड़े रखते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

डॉ. अमर सिंह ने बताया कि 108 एम्बुलेंस के लिए खोवा मंडी में अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जहां लगभग 10 एम्बुलेंस खड़ी हो सकती हैं। इसके बावजूद अधिकांश चालक वहां वाहन खड़े नहीं करते। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस को केवल मरीज को लाने या छोड़ने के लिए अस्पताल आना चाहिए और उसके बाद निर्धारित पार्किंग में लौट जाना चाहिए, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।

मुख्य प्रवेश द्वार पर एम्बुलेंस, चार पहिया वाहन और ई-रिक्शा अव्यवस्थित तरीके से खड़े रहने के कारण कई बार गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस को अस्पताल के भीतर प्रवेश करने और बाहर निकलने तक में कठिनाई होती है। हालात ऐसे बन जाते हैं कि अस्पताल प्रबंधन को लाउडस्पीकर से वाहन चालकों को रास्ता खाली करने की अपील करनी पड़ती है, जिससे इलाज में अनावश्यक देरी का खतरा बना रहता है।

सिविल सर्जन ने बताया कि व्यवस्था सुधारने के लिए अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। यातायात पुलिस द्वारा कई एम्बुलेंस चालकों के चालान भी किए गए, लेकिन इसका भी अपेक्षित असर नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों से चर्चा की गई, फिर भी स्थायी समाधान नहीं निकल सका।

गौरतलब है कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और उनके परिजन पहुंचते हैं। मुख्य गेट पर अव्यवस्थित पार्किंग के कारण एम्बुलेंस, निजी वाहनों और स्ट्रेचर की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में बाधा उत्पन्न होती है। अस्पताल की यातायात व्यवस्था को लेकर अब एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

journalist

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