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एयरटेल को उपभोक्ता आयोग की कड़ी फटकार, 8 साल पुराने मामले में परिवादी को मिलेगा लगभग 60 हजार का मुआवजा

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एयरटेल को उपभोक्ता आयोग की कड़ी फटकार, 8 साल पुराने मामले में परिवादी को मिलेगा लगभग 60 हजार का मुआवजा

कटनी
 जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, कटनी ने मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए भारती एयरटेल को सेवा में कमी का दोषी माना है। आयोग ने लगभग आठ वर्ष पुराने मामले में परिवाद स्वीकार करते हुए परिवादी को मानसिक वेदना, सेवा में कमी, ब्याज एवं वाद व्यय सहित लगभग 60,000 का भुगतान करने का आदेश दिया है। प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता मौसूफ बिट्टू एवं सत्येंद्र शुक्ला ने पक्ष रखा। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि परिवादी के मोबाइल नंबर को उसकी सहमति और आवश्यक दस्तावेजों के बिना दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कर दिया गया, जिससे वह मोबाइल सेवा से वंचित हो गया और उसे मानसिक एवं व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुनवाई के दौरान आयोग ने प्रस्तुत दस्तावेजों और साक्ष्यों का परीक्षण कर पाया कि भारती एयरटेल द्वारा सेवा में कमी की गई है। आयोग ने आदेश दिया कि एयरटेल 45 दिनों के भीतर परिवादी को मानसिक वेदना एवं सेवा में कमी के लिए ₹30,000, इस राशि पर 17 अप्रैल 2018 से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, 2,000 निष्पादन व्यय तथा 2,000 वाद व्यय का भुगतान करे। ब्याज सहित कुल देय राशि वर्तमान में लगभग 60,000 के आसपास पहुंचती है। इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग के इस आदेश से स्पष्ट संदेश गया है कि मोबाइल नंबर पोर्ट कराने की प्रक्रिया में उपभोक्ता की सहमति और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है तथा लापरवाही बरतने पर सेवा प्रदाता कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जा सकता है।

Aditya
Author: Aditya

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