रीवा। जिले के कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने सोमवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एक महिला कर्मचारी और निजी कर्मचारी के बीच विवाद का मामला सामने आने पर कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी को मौके पर ही कड़ी फटकार लगाई। इस कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, महिला कर्मचारी दर्शना वाकड़े और निजी कर्मचारी शैलू गुप्ता के बीच विवाद हुआ था। महिला कर्मचारी ने निजी कर्मचारी पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया था। शिकायत मिलते ही कलेक्टर बिना किसी पूर्व सूचना के आरटीओ कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ली।
जांच के दौरान कलेक्टर ने संबंधित कर्मचारी से जवाब-तलब किया। महिला कर्मचारी के साथ विवाद और आम नागरिकों से अभद्र व्यवहार की शिकायतों पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत मिलने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कार्यालय परिसर की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने परिसर में मौजूद अनधिकृत वेंडरों और बाहरी लोगों की मौजूदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरटीओ कार्यालय में केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए, ताकि आम नागरिकों को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में सेवाएं मिल सकें।
सूत्रों के अनुसार, आरटीओ कार्यालय में लंबे समय से आम लोगों के साथ अभद्र व्यवहार और महिलाओं के प्रति अशोभनीय आचरण की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम नागरिकों को सम्मानजनक व्यवहार के साथ समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। कार्यालय में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








