सतना। जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) में अव्यवस्थाएं सामने आई हैं। वार्ड में लगे चार कैसेट एयर कंडीशनर (एसी) में से दो लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे गंभीर रूप से भर्ती बच्चों को उमस और गर्मी के बीच इलाज कराना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मासूमों को राहत देने के लिए उनके परिजन हाथ के पंखों से हवा करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, पीकू वार्ड की क्षमता 12 बेड की है, लेकिन वर्तमान में यहां 18 बच्चों का इलाज चल रहा है। क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने के कारण पहले से ही वार्ड पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में दो एसी बंद होने से वार्ड का तापमान बढ़ गया है, जिससे बच्चों और उनके परिजनों की परेशानी और बढ़ गई है।
परिजनों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को नियंत्रित तापमान की आवश्यकता होती है, लेकिन एसी बंद होने के कारण बच्चे गर्मी और बेचैनी से परेशान हैं। कई परिजन अपने बच्चों को राहत देने के लिए घंटों तक हाथ के पंखों से हवा करते नजर आ रहे हैं। डॉक्टरों के राउंड के दौरान भी परिजन लगातार एसी ठीक कराने की मांग उठा रहे हैं।
गौरतलब है कि पीकू वार्ड का निर्माण कोरोना महामारी के दौरान बच्चों के गंभीर उपचार के लिए किया गया था। उस समय वार्ड में चार आधुनिक कैसेट एसी लगाए गए थे, ताकि मरीजों को नियंत्रित तापमान में बेहतर इलाज मिल सके। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले भी एसी में तकनीकी खराबी आई थी, जिसे ठीक कराया गया था, लेकिन अब दो एसी फिर से बंद हो गए हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने स्वीकार किया है कि चार में से दो एसी खराब हैं। प्रबंधन का कहना है कि मरम्मत के लिए संबंधित एजेंसी को शिकायत भेज दी गई है और जल्द ही दोनों एसी ठीक करा दिए जाएंगे। फिलहाल वार्ड में पंखों के सहारे व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन परिजनों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए केवल पंखे पर्याप्त नहीं हैं और एसी जल्द चालू किए जाने चाहिए।









