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कागजों में खुला स्वास्थ्य केंद्र, हकीकत में नहीं कोई अस्तित्व; वेतन भुगतान पर उठे सवाल, Satna

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सतना में ‘कागजों’ पर खुला उप स्वास्थ्य केंद्र! अस्तित्वहीन केंद्र पर MPW की पदस्थापना, वेतन भी जारी.

सतना। जिले के स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (MPW) की पदस्थापना ऐसे उप स्वास्थ्य केंद्र में कर दी गई, जिसका जिले में कोई अस्तित्व ही नहीं है। इतना ही नहीं, संबंधित कर्मचारी ने कथित रूप से वहां कार्यभार भी ग्रहण कर लिया और एक माह का वेतन भी जारी हो गया। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

युवक कांग्रेस नेता शैलेश तिवारी ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, स्थानांतरण नीति-2026 के तहत सीएमएचओ कार्यालय ने एमपीडब्ल्यू हिमांशु धवाई का तबादला रामपुर बाघेलान ब्लॉक के उप स्वास्थ्य केंद्र सराय से सीएचसी कोठी के अधीन उप स्वास्थ्य केंद्र माधवगढ़ में किया था। यह आदेश प्रभारी मंत्री की स्वीकृति के बाद जारी किया गया था।

 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उप स्वास्थ्य केंद्र माधवगढ़ शासन से स्वीकृत ही नहीं है। वहां न कोई भवन मौजूद है और न ही नियमित स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं। सरकारी अभिलेखों में भी इस नाम से कोई उप स्वास्थ्य केंद्र दर्ज नहीं है। इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी की वहां पदस्थापना दिखाकर कार्यभार ग्रहण करा दिया गया।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्तित्वहीन उप स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थापना दिखाकर संबंधित कर्मचारी का एक माह का वेतन भी जारी कर दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब केंद्र का अस्तित्व ही नहीं है, तो कार्यभार ग्रहण और वेतन भुगतान किस आधार पर किया गया।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित एमपीडब्ल्यू वर्तमान में सीएमएचओ कार्यालय में अटैच है और वहीं शासकीय कार्य कर रहा है। आरोप है कि कर्मचारी को शहर से बाहर पदस्थ होने से बचाने के लिए कागजी प्रक्रिया अपनाई गई।

वहीं, मामले पर सीएमएचओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह टाइपिंग एरर का मामला भी हो सकता है। हालांकि शिकायत प्राप्त होने के बाद पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब सभी की निगाहें जांच पर टिकी हैं कि यह महज प्रशासनिक त्रुटि थी या फिर स्थानांतरण और वेतन भुगतान में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।

Kishan Gupta
Author: Kishan Gupta

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