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इंदौर DAVV ने छात्रों को दी बड़ी राहत, सप्लीमेंट्री में फेल होने पर भी मिलेगा सेकंड ईयर में प्रवेश

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इंदौर
 इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत यूजी प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। अब सितंबर में होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में भी किसी विषय में सफल न होने वाले छात्र – छात्राओं का एक साल खराब नहीं होगा। ऐसे विद्यार्थी सेकंड ईयर में प्रवेश लेकर नियमित पढ़ाई जारी रख सकेंगे और अगले शैक्षणिक सत्र की मुख्य परीक्षा में भी शामिल हो सकेंगे।

विश्वविद्यालय के अनुसार, ये व्यवस्था बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए समेत 11 स्नातक पाठ्यक्रमों पर लागू होगी। हालांकि छात्रों को प्रथम वर्ष के जिस विषय में सप्लीमेंट्री शेष रहेगी, उसे सेकंड ईयर की परीक्षा से पहले या उसके साथ अनिवार्य रूप से उत्तीर्ण करना होगा। तभी अगले साल की परीक्षा का परिणाम मान्य होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों का शैक्षणिक वर्ष बचाना और उन्हें अनावश्यक देरी व अतिरिक्त फीस के बोझ से राहत देना है।

15 हजार विद्यार्थी हो सकते हैं शामिल
पहले सप्लीमेंट्री परीक्षा में असफल होने पर छात्रों को पूरा प्रथम वर्ष दोबारा करना पड़ता था, जिससे उनका एक साल खराब हो जाता था। अब वे पढ़ाई जारी रखते हुए लंबित विषय भी पास कर सकेंगे। विवि सितंबर के पहले सप्ताह में सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करेगा। इसमें करीब 15 हजार विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है। बीए और बीएससी प्रथम वर्ष के परिणाम अभी जारी होने बाकी है, इसलिए परीक्षार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।

14 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले पात्र
नई शिक्षा नीति के तहत लागू क्रेडिट आधारित प्रणाली में 14 से 39 क्रेडिट स्कोर प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सप्लीमेंट्री परीक्षा के पात्र होंगे। 40 या उससे अधिक क्रेडिट हासिल करने वाले छात्रों को उत्तीर्ण माना जाएगा, जबकि इससे कम क्रेडिट पर असफल घोषित किया जाएगा। शिक्षाविदों का मानना है कि, ये व्यवस्था विद्यार्थियों के हित में है, लेकिन लंबित विषयों की तैयारी गंभीरता से करना भी उतना ही जरूरी होगा।

MBA कंसोर्टियम कोर्स के रिजल्ट की तारीख न मिलने से अटकी डिग्री
डीएवीवी के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (आईएमएस) से संचालित एमबीए पार्ट टाइम (कंसोर्टियम) पाठ्यक्रम बंद हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इसके बावजूद इस कोर्स को पूरा कर चुके कई विद्यार्थी आज भी अपनी डिग्री प्राप्त नहीं कर पाए हैं। डिग्री के लिए आवेदन कर चुके विद्यार्थी विश्वविद्यालय और आईएमएस के बीच चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालात ये हैं कि, दोनों के पास पाठ्यक्रम के परीक्षा परिणाम घोषित होने की सटीक तारीख मौजूद नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों की डिग्री जारी नहीं हो पा रही है।

 

Aditya
Author: Aditya

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