सीधी। जिले में 1 और 2 रुपये के सिक्के स्वीकार नहीं किए जाने की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) अवध बिहारी चौधरी ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार द्वारा जारी 1, 2, 5, 10 और 20 रुपये के सभी सिक्के पूरी तरह वैध मुद्रा हैं और इन्हें लेने से इनकार करना भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के विपरीत है।

उन्होंने बताया कि आरबीआई समय-समय पर अलग-अलग आकार, धातु और डिजाइन के सिक्के जारी करता है। इसलिए पुराने और नए डिजाइन के सभी सिक्के समान रूप से वैध हैं। केवल आकार या डिजाइन अलग होने के आधार पर किसी भी सिक्के को अमान्य नहीं माना जा सकता।
एलडीएम ने बताया कि सिक्का अधिनियम, 2011 के अनुसार 1 रुपये और उससे अधिक मूल्यवर्ग के सिक्के प्रति लेन-देन 1,000 रुपये तक वैध मुद्रा हैं। साथ ही आरबीआई ने सभी सरकारी और निजी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी मूल्यवर्ग के सिक्कों को बिना किसी भेदभाव के जमा और विनिमय के लिए स्वीकार करें।
उन्होंने कहा कि वैध भारतीय मुद्रा लेने से इनकार करने पर आम लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और आर्थिक लेन-देन प्रभावित होता है। ऐसे मामलों में संबंधित दुकानदार, बैंक या संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
जिला प्रशासन ने सभी दुकानदारों, व्यापारियों और नागरिकों से अपील की है कि वे 1 और 2 रुपये सहित सभी वैध भारतीय सिक्कों को बिना किसी संकोच के स्वीकार करें। यदि कोई दुकानदार, बैंक या अन्य संस्थान वैध सिक्के लेने से मना करता है, तो इसकी शिकायत जिला प्रशासन, कलेक्टर कार्यालय या निकटतम पुलिस थाने में की जा सकती है।









