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रेल नेटवर्क होगा दोगुना, ₹51 हजार करोड़ की योजनाओं से छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई रफ्तार

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 रायपुर

 प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार पर केंद्र सरकार तेजी से काम कर रही है। वर्ष 2014 तक प्रदेश में करीब 1,100 रूट किलोमीटर रेल लाइन थी, जिसे वर्ष 2030 तक बढ़ाकर 2,200 रूट किलोमीटर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वर्तमान में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
नई रेल लाइनों का सर्वे और डीपीआर कार्य

प्रदेश में खर्सिया-नया रायपुर-परमलकसा नई रेल लाइन (7,854 करोड़ रुपये), रावघाट-जगदलपुर 140 किमी रेल लाइन (3,513 करोड़ रुपये), कोरबा-अंबिकापुर (180 किमी) और गढ़चिरौली-बचेली (490 किमी) रेल लाइन की डीपीआर एवं अंतिम सर्वे का कार्य जारी है।
जशपुर जिला पहली बार जुड़ेगा रेल नेटवर्क से

जून 2026 में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा 291.88 किमी रेल लाइन को विशेष रेल परियोजना घोषित किया गया, जिससे जशपुर जिला पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा।

लोकोमोटिव मेंटेनेंस और दोहरीकरण के कार्य

इसके अलावा रायपुर में 175 करोड़ रुपये की लागत से 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग और मेंटेनेंस सुविधा विकसित की जा रही है। वहीं, बोरीदंड-अंबिकापुर (80 किमी) दोहरीकरण और बिलासपुर-झारसुगुड़ा (206 किमी) चौथी रेल लाइन का निर्माण भी प्रगति पर है। रायपुर-विशाखापत्तनम और रायपुर-नागपुर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन के बाद प्रदेश में आधुनिक रेल ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में काम तेज हो गया है।

Aditya
Author: Aditya

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