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प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से चमका समस्तीपुर, हजारों घर होंगे रोशन

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समस्तीपुर
 प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत समस्तीपुर जिला धीरे-धीरे बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिले में अब तक 700 से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित किए हैं

इन सोलर संयंत्रों से हर महीने करीब दो हजार यूनिट बिजली का स्थानीय स्तर पर उत्पादन हो रहा है। इससे उपभोक्ताओं की बिजली पर निर्भरता कम होने के साथ बिजली बिल में भी राहत मिल रही है और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मुफ्त सोलर योजना के अंतर्गत इस वर्ष नवंबर तक जिले के 10 हजार गरीब उपभोक्ताओं के घरों में एक-एक किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल नि:शुल्क लगाने की तैयारी है।

इसके पूरा होने के बाद जिले में करीब 10 लाख यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने का अनुमान है। इससे समस्तीपुर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाएगा।

78 हजार रुपये तक की मिल सब्सिडी:
योजना के तहत सोलर सिस्टम की क्षमता के अनुसार सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवाट क्षमता वाले सोलर सिस्टम पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये, जबकि तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाती है।

कैसे हो रहा बिजली बिल शून्य:
योजना से लाभान्वित उपभोक्ताओं का कहना है कि सोलर पैनल लगने के बाद दिन के समय घर की अधिकांश बिजली जरूरतें सोलर सिस्टम से ही पूरी हो जाती हैं। अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है, जिसका समायोजन नेट मीटरिंग के जरिए होता है। इसी कारण कई उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल शून्य आ रहा है, जबकि कुछ का बिल बेहद कम हो गया है।

 

Aditya
Author: Aditya

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