स्कूल से लौटते समय गायब हुआ छात्र, अगले दिन मिला क्षत-विक्षत शव

24 घंटे से लापता 9 वर्षीय मासूम का क्षत-विक्षत शव मिला, हत्या और जंगली जानवर के हमले दोनों एंगल से जांच
सतना। जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के पिंडरा गांव में 24 घंटे से लापता 9 वर्षीय बालक का शव गुरुवार शाम जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव का सिर और हाथ एक स्थान पर, जबकि धड़ कुछ दूरी पर मिला। प्रारंभिक जांच में जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है, वहीं परिजनों ने अपहरण कर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घर के बाहर से हुआ था लापता
मझगवां थाना पुलिस के अनुसार, पिंडरा गांव निवासी लल्लू यादव का 9 वर्षीय पुत्र नितिन यादव बुधवार शाम स्कूल से घर लौटने के बाद घर के बाहर लगे हैंडपंप पर हाथ-मुंह धोने गया था। काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिजनों ने गांव और आसपास उसकी तलाश शुरू की। रातभर ग्रामीणों के साथ खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
500 मीटर दूर जंगल में मिला शव
सूचना मिलते ही चित्रकूट एसडीओपी राजेश सिंह बंजारे, मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। गुरुवार सुबह पुलिस, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल, एसडीआरएफ, क्यूआरएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। शाम को गांव से करीब 500 मीटर दूर पहाड़ी से लगे जंगल में बालक का शव बरामद हुआ।
पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सतना मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
वन विभाग ने जताई तेंदुए के हमले की आशंका
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिस क्षेत्र में शव मिला है वहां तेंदुए (लेपर्ड) की आवाजाही पहले से दर्ज है। शव की स्थिति को देखते हुए प्रथम दृष्टया जंगली जानवर के हमले की आशंका व्यक्त की गई है। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक के परिजनों का आरोप है कि नितिन का पहले अपहरण किया गया, फिर उसकी हत्या कर शव जंगल में फेंका गया। उनका कहना है कि बाद में जंगली जानवरों ने शव को क्षत-विक्षत किया होगा। पुलिस ने इस आशंका को भी जांच में शामिल कर लिया है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
डॉक्टरों के पैनल से होगा पोस्टमॉर्टम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा।
बारिश बनी जांच में बाधा
चित्रकूट रेंजर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि घटना स्थल पर पगमार्क और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए वन विभाग की टीम शुक्रवार सुबह पहुंचने वाली थी, लेकिन देर रात हुई बारिश के कारण कई अहम निशान प्रभावित हो गए। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत नहीं मिले हैं, जबकि तेंदुए की गतिविधियां पहले से दर्ज होती रही हैं।
जांच जारी
पुलिस और वन विभाग की टीमें संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल हत्या और जंगली जानवर के हमले दोनों एंगल से जांच जारी है।










