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जगन्नाथ रथ यात्रा का अहम पड़ाव, आज श्रीमंदिर के समक्ष लाए जाएंगे तीनों रथ; कल होगी मौसीबाड़ी यात्रा

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भुवनेश्वर
 विश्व प्रसिद्ध श्रीजगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर पुरी धाम पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूब गया है। गुरुवार को भगवान श्रीजगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर श्रीगुंडिचा मंदिर (मौसीबाड़ी) के लिए प्रस्थान करेंगे। 

इससे पहले बुधवार को परंपरागत ‘दक्षिण मोड़’ नीति के तहत तीनों रथों को रथखला से खींचकर श्रीमंदिर के सिंहद्वार के समक्ष लाया जाएगा।

रथ यात्रा के लिए तैयार किए गए तीनों भव्य रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। भगवान बलभद्र के तालध्वज, देवी सुभद्रा के दर्पदलन तथा भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को अंतिम रूप दे दिया गया है। रथों पर सजावट, ध्वज, पताका और पारंपरिक अलंकरण का कार्य पूरा हो चुका है।

चतुर्धा विग्रह होंगे रथों पर विराजमान
गुरुवार को विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक नीतियों के बाद चतुर्धा विग्रहों को पहंडी विजय के माध्यम से श्रीमंदिर से बाहर लाकर रथों पर विराजमान कराया जाएगा। गजपति महाराज द्वारा छेरा पहरा नीति संपन्न किए जाने के बाद रथ खींचने की प्रक्रिया आरंभ होगी।

परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान बलभद्र के तालध्वज रथ को भक्त खींचेंगे। इसके बाद देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ और अंत में भगवान जगन्नाथ के नंदीघोष रथ को श्रद्धालु खींचकर गुंडिचा मंदिर की ओर ले जाएंगे। लाखों श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बनने के लिए पुरी पहुंच रहे हैं।

रिमझिम बारिश के बीच उमड़ रही श्रद्धा
रथ यात्रा को लेकर देश-विदेश से श्रद्धालुओं का पुरी पहुंचना लगातार जारी है। रिमझिम बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। होटल, धर्मशाला और मठों में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है।

सेवा कार्य में जुटे सामाजिक संगठन
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अनेक सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संगठन सेवा कार्य में जुट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, प्राथमिक उपचार, खोया-पाया केंद्र तथा निशुल्क भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन में भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। जगन्नाथ धाम को बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। पुलिस, केंद्रीय अर्धसैनिक बल, तटरक्षक बल और विशेष सुरक्षा इकाइयों की तैनाती की गई है।

सुरक्षा एजेंसियां जल, थल और नभ तीनों माध्यमों से निगरानी कर रही हैं। समुद्री तट पर कोस्ट गार्ड और मरीन पुलिस सक्रिय हैं, जबकि ड्रोन रोधी प्रणाली और हवाई निगरानी की भी व्यवस्था की गई है। शहर के विभिन्न हिस्सों और बड़दांड पर हजारों सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

भक्तों के स्वागत को तैयार पुरी
रथ यात्रा के पावन अवसर पर पूरा पुरी शहर आध्यात्मिक उत्साह से सराबोर है। बड़दांड पर भक्तों की भीड़, जय जगन्नाथ के उद्घोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक वातावरण के बीच गुरुवार को भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों के बीच निकलेंगे। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा यह महापर्व एक बार फिर विश्व को सनातन संस्कृति और ओडिशा की गौरवशाली परंपरा का संदेश देगा।

 

Aditya
Author: Aditya

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