Edition

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लॉन्च किया ‘दृष्टि’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, डिजिटल सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लॉन्च किया दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी

पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे का भी हुआ शुभारंभ

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विकसित "दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म" लॉन्च किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे की सुविधा का भी शुभारंभ किया गया। मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान हुई इस लॉन्चिंग से पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी। यह व्यवस्था देश में पंचायतों के पूर्णत: डिजिटल रिमोट वित्तीय ऑडिट की दिशा में अपनी तरह की अभिनव पहल है।

प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों में ऑडिट प्रक्रिया होगी तेज

केंद्रीय वित्त आयोग से प्राप्त होने वाले अनुदान की राशि के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों के समयबद्ध ऑडिट की अनिवार्यता है। भारत के महालेखाकार के निर्देशन में पंचायती राज संचालनालय द्वारा एनआईसी के तकनीकी सहयोग से ऑनलाइन ऑडिट के लिए "दृष्टि" नामक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर जाकर ऑडिटर अपने घर या ऑफिस से किसी भी पंचायत के सभी प्रकार के आय व्यय सम्बन्धी अभिलेख देख सकते हैं तथा उनकी जांच कर सकते हैं। यह ऑडिट प्रक्रिया प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों के वित्तीय ऑडिट को तेज, सरल एवं पारदर्शी बनाएगी। इसके उपयोग से सीमित कर्मचारियों द्वारा भी समस्त पंचायतों का ऑडिट समय पर किया जा सकेगा। इस प्रणाली के क्रियान्वयन से समय और संसाधनों की बचत के साथ वित्तीय जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी।

इन नवाचारों से विभागीय प्रक्रियाओं में जवाबदेही के साथ सुशासन को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पंचायत दर्पण पोर्टल पर आरंभ पेमेंट गेटवे पंचायत राज संचालनालय द्वारा एनआईसी, जल निगम एवं यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के सहयोग से विकसित किया गया है। इसके माध्यम से पंचायतें नागरिकों के बिल जेनरेट कर सकेगी। गेटवे पर कोई भी नागरिक बिल का पेमेंट घर बेठे कर सकता है और ऑनलाइन ही रसीद भी प्राप्त कर सकता है। इससे लोगों के श्रम और समय दोनों की बचत होगी तथा पंचायत का अभिलेख भी स्वत: ही निर्मित होता चला जायेगा। सेवाओं में पारदर्शिता और कार्यों का समयबद्ध निस्तारण होगा। इन नवाचारों से विभागीय प्रक्रियाओं में जवाबदेही अधिक होने के साथ ही सुशासन को बढ़ावा भी मिलेगा।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!