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सिविललाइन हनुमान मंदिर के सामने सड़क बनी शराब अड्डा, 20 मीटर दूर खड़ी पुलिस… फिर भी बेखौफ शराबखोरी….

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मुख्य मार्ग पर खुलेआम जाम छलकाते शराबी, महिलाओं-बच्चों का निकलना मुश्किल;

 

सिविल लाइन पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, लोगों ने की वरिष्ठ अधिकारियों से कार्रवाई की मांग…….

 

सतना। शहर के सबसे व्यस्ततम सिविल लाइन तिराहे पर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के ठीक सामने और मुख्य सड़क पर शाम ढलते ही खुलेआम शराबखोरी का सिलसिला शुरू हो जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहां शराबी सड़क किनारे मोटरसाइकिलों पर बोतलें रखकर जाम छलकाते दिखाई देते हैं, वहीं से करीब 20 मीटर की दूरी पर पुलिस वाहन और पुलिसकर्मी मौजूद रहते हैं। इसके बावजूद कार्रवाई न होना सिविल लाइन थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे से रात 11 बजे तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। सड़क पर बोतलें, डिस्पोजल और खाने-पीने का कचरा फैलाया जाता है। इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और मंदिर के श्रद्धालु गुजरते हैं, लेकिन खुलेआम शराबखोरी के कारण उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले इस स्थान पर ऐसी स्थिति कम रहती थी। उनका आरोप है कि पूर्व थाना प्रभारी के स्थानांतरण के बाद से खुलेआम शराबखोरी और ज्यादा बढ़ी है और अब लोगों में पुलिस का भय बिल्कुल समाप्त होता दिखाई दे रहा है।

मंदिर मे बैठे श्रद्धालुओं का कहना है कि मंगलवार और शनिवार को मंदिर में भारी भीड़ रहती है, फिर भी मंदिर के सामने सड़क पर शराब पीना जारी रहता है, जो धार्मिक स्थल की गरिमा और सार्वजनिक व्यवस्था दोनों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

लोगों का यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मी घटनास्थल के बिल्कुल पास मौजूद रहते हैं, तब भी शराबियों पर कार्रवाई नहीं होती। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही क्यों बरती जा रही है? क्या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों के खिलाफ कानून का पालन नहीं कराया जाएगा?

इस पूरे मामले के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं, जिनमें मुख्य मार्ग पर खुलेआम शराब पीते लोग तथा पास में मौजूद पुलिस वाहन दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा करने, सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने वालों तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इससे कानून व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लोगों का भरोसा और कमजोर होगा, और किसी दिन बड़ी घटना भी हो सकती है!

वही चर्चा में थाना प्रभारी की कार्यशैली..  स्थानीय लोगों में चर्चा है कि नई थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद थाना क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता पहले जैसी नहीं दिख रही। लोगों का कहना है कि थाना क्षेत्र मे पुलिस का भय भी कम हुआ है और खुलेआम शराबखोरी जैसी गतिविधियां बढ़ी हैं। उनका दावा है कि पहले थाना प्रभारी अक्सर स्वयं और स्टाफ के साथ सिविल लाइन तिराहा व अन्य क्षेत्र में भ्रमण करते दिखाई देते थे, जबकि अब ऐसी निगरानी कम नजर आती है। मंदिर श्रद्धांलुओं एवं लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की भी है!

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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