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मंत्री प्रतिमा बागरी के क्षेत्र में विकास पर सवाल? 13 साल से सड़क नहीं बनी तो ग्रामीणों ने खुद जुटाए 1.25 लाख, श्रमदान कर बना डाला रास्ता…..

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सतना। नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र से विकास के दावों पर सवाल खड़े करने वाली एक और तस्वीर सामने आई है। वर्षों तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के आश्वासनों का इंतजार करने के बाद नकटी देवीपुर गांव के युवाओं ने आखिरकार खुद ही सड़क बनाने का फैसला कर लिया। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 1.25 लाख रुपये जुटाए, श्रमदान किया और बिना पंचायत की आर्थिक मदद के करीब 1.5 किलोमीटर कच्चे रास्ते को मोटरेबल बना दिया।

 

करीब 1500 आबादी वाले इस गांव के लोग पिछले 13 वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। बरसात में सड़क दलदल में बदल जाती थी, जिससे मरीजों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित होता था। ग्रामीणों ने 13 जून को मंत्री को ज्ञापन देकर सड़क बनवाने की मांग भी की थी, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो युवाओं ने गांव की बैठक बुलाकर स्वयं सड़क बनाने का निर्णय लिया। क्रेशर का रॉ मटेरियल और गिट्टी बिछाकर ट्रैक्टर से रास्ते को समतल किया गया और रविवार को कार्य पूरा कर लिया गया।

 

नकटी देवीपुर वही गांव है जिसने 2013 विधानसभा चुनाव में रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा देकर मतदान का बहिष्कार किया था।

इसके बाद मुख्य मार्ग से महदेई तक सड़क बनी, लेकिन महदेई से नकटी देवीपुर तक की करीब 1.5 किलोमीटर सड़क आज भी अधूरी है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार और जनप्रतिनिधि वर्षों में सड़क नहीं बना सके, तो गांव के लोगों ने चंदा और श्रमदान से वह काम कर दिखाया।

अब सवाल उठ रहा है कि जब मंत्री के अपने विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा के लिए खुद सड़क बनानी पड़ रही है, तो विकास के दावों की जमीनी हकीकत आखिर क्या है?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थायी सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो वे आगे बड़ा आंदोलन करेंगे।

 

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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