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आधार-पैन का दुरुपयोग कर उठाया करोड़ों का लोन, साइबर पुलिस ने आरोपी दबोचा

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नई दिल्ली
 फर्जी तरीके से लोगों के नाम पर लोन लेने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। यह कार्रवाई रोहिणी डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने की है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अजय कुमार (24) है। जो मोहाली, पंजाब का रहने वाला है।

जांच में आया सामने
आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस गैंग ने करीब 50 बेकसूर लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी से लगभग 1.6 करोड़ रुपये का फर्जी लोन लेकर ठगी की है।

ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
डीसीपी रोहिणी शशांक जायसवाल ने बताया, 25 जून 2026 को एक पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें बताया गया कि उसे लोन रिकवरी एजेंटों के फोन आ रहे हैं। EMI चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि उसने कभी कोई लोन लिया ही नहीं लिया। जब पीड़ित ने अपना सिबिल स्कोर चेक किया, तो पता चला कि उसके पैन कार्ड का इस्तेमाल कर 'किसेत्सु सैसन फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड' से 4,50,000 रुपये का पर्सनल लोन लिया गया है।

शिकायत आधार पर पुलिस ने दर्ज किया केस
हैरान करने वाली बात यह थी कि ठगों ने पीड़ित को भनक लगे बिना उसके आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर को भी बदल दिया था, जिससे लोन की प्रक्रिया पूरी हो गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि लोन की रकम अजय कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी और उसने उसे कैश में निकाल लिया था। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर अजय को गिरफ्तार किया। उसके मोबाइल की जांच से पता चला कि ठगी से पहले पीड़ित के निजी दस्तावेज उसके और सहयोगियों के बीच शेयर किए गए थे।

पंजाब से जुड़े हैं सिंडिकेट के तार
अजय ने खुलासा किया कि वह पंजाब के कुछ लोगों के संपर्क में था, जो इस पूरे नेटवर्क को चलाते हैं। यह गिरोह उन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था, जो कमीशन के बदले अपने खाते देने को तैयार होते थे। गिरोह का एक सदस्य पीड़ितों के आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को धोखाधड़ी से बदल देता था, जिसके बाद उनके पैन और आधार का दुरुपयोग कर विभिन्न कंपनियों से लोन उठा लिया जाता था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य फरार सदस्यों और अन्य खातों का पता लगाने में जुटी है।

Aditya
Author: Aditya

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