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मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने एसआईआर कार्य में तेजी और पारदर्शिता के दिए निर्देश

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 रांची
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने उन क्षेत्रों में कैंप लगाकर एसआइआर के कार्य में तेजी लाने को कहा है, जहां मतदाताओं द्वारा जमा किए गए गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन का काम धीमा है।

उन्होंने शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारियों आदि के साथ हुई समीक्षा बैठक में इसे लेकर निर्देश दिए, ताकि इसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि गणना प्रपत्र केवल पात्र भारतीय नागरिकों द्वारा ही भरा जाना है। अपात्र व्यक्ति/व्यक्ति के लिए एवं गैर भारतीय/गैर भारतीय के लिए गणना प्रपत्र नहीं भरे जाने हैं।

तुरंत दर्ज होगी FIR
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत किसी भी विदेशी नागरिक द्वारा अवैध रूप से प्रपत्र भरना, गलत या भ्रामक जानकारी देना अथवा बिना हस्ताक्षर किए प्रपत्र जमा न करना एक दंडनीय अपराध है।

ऐसा करने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ ईआरओ द्वारा सीधे प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआइआर की प्रक्रिया एक सहभागी एवं पारदर्शी प्रक्रिया है।

प्रत्येक स्तर पर इससे संबंधित जानकारियों एवं वस्तु स्थितियों से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं जनसाधारण को अवगत कराना अनिवार्य है।

उन्होंने एएसडीडी (अब्सेंट, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट )सूची के सत्यापन के लिए 14 जुलाई को सभी जिलों में बीएलओ एवं बीएलए-2 की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उन्होंने 14 जुलाई को ही राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से 'चुनाव पाठशाला' का आयोजन के भी निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव पाठशाला में एएसडीडी की सूची पढ़कर उपस्थित सभी लोगों को सुनाई जाए ताकि प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे। इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार आदि उपस्थित थे।

 

Aditya
Author: Aditya

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