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मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा

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भोपाल 

राज्य वित्त आयोग ने शुक्रवार को मंत्रालय में राजस्व विभाग, की समीक्षा बैठक ली। प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वाबलंबी बनाने एवं स्वयं के आय के स्त्रोत सृजित करने में राजस्व विभाग की भूमिका के संबंध में राजस्व विभाग के साथ समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष  जयभान सिंह पवैया की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व स्रोतों और बजटीय प्रबंधन को लेकर मैराथन मंथन हुआ। आयोग के अध्यक्ष  पवैया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किये जाने में उनकी भूमिका को बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया जाय।

अध्यक्ष  पवैया ने स्थानीय निकायों को गौशालाओं, सौर ऊर्जा को विकसित करने, वाणिज्यिक एवं आवासीय भवनों के लिये भूमि उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। बैठक में विभागीय अधिकारी ने शासन की नीति तथा इन विषयों पर भविष्य की संभावनाओं की जानकारी आयोग को दी।

आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि स्थानीय निकायों की केवल अनुदानों पर निर्भरता को कम कर उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसके लिए कर संग्रहण क्षमता को सुदृढ़ करने, वित्त आयोग के अनटाइड अनुदानों के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख उपयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए संबंधित विभाग से व्यावहारिक सुझाव प्राप्त किए गए हैं, जिनके आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।

बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य  के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव  वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। महत्वपूर्ण बैठक में राजस्व विभाग,के प्रमुख सचिव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 

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Author: Aditya

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