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MP Rain: उमरिया में भारी बारिश के बाद जोहिला बांध लबालब, दो गेट खोले गए; मनमोहक नजारा देखने पहुंचे सैकड़ों लोग

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उमरिया
 उमरिया में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नाले और नद‍ियां लगातार उफान पर होने को आतुर हैं. शहडोल संभाग के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी खासी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बांध के दो गेट लगभग दो-दो मीटर तक खोल दिए गए। 

जोहिला बांध के दो गेट खोले
उमरिया में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. इसका असर अब नदी नालों पर भी दिख रहा है. नदी नाले उफान पर आ रहे हैं, उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, मंगलवार को जोहिला बांध के दो गेट लगभग एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया है। 

सुरक्षा के कड़े इंतेजाम
ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने कहा, "बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दो गेट खोले गए हैं. स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने आम जनता को नदी नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्र के नजदीक न जाने की सलाह दी है. अनावश्यक रिस्क लेने से भी मना किया है। 

पुलिस बल और बांध कर्मचारियों की तैनात
जोहिला बांध के जो दो गेट खोले गए हैं. यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने जलस्तर को कंट्रोल करने के मकसद से उठाया गया है. लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, गेट खोलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे, इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो तस्वीर बनाते भी देखे गए। 

सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बांध परिसर में बैरिकेडिंग की गई है. इसके साथ पुलिस बल और बांध कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था, जिससे किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि अगर बारिश का दौर जारी रहता है और बांध के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो और भी गेट खोले जा सकते हैं। 

उमरिया में अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया है कि, बीते 24 घंटे में 51.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है. जिले में 1 जून से लेकर के 7 जुलाई तक 215.8 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई है। 

मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में मानसून की शुरुआती जोरदार बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है. मंगलवार रात को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई मुख्य मार्ग और चौराहे जलमग्न हो गए. ड्रेनेज सिस्टम की नाकामी के चलते सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 

पहली ही बारिश में नगर पालिका के दावे फेल
विदिशा शहर के बीचों-बीच स्थित सड़कों पर पानी का भराव इतना ज्यादा है कि, नीचे के गहरे गड्ढे वाहन चालकों को नजर नहीं आ रहे हैं. साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पानी से लबालब भरी सड़कों पर गाड़ियां और मोटरसाइकिलें अनियंत्रित होकर कूद रही हैं. कई दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण संतुलन खो रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। 

Aditya
Author: Aditya

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