Edition

CBI कोर्ट में आज बड़ा दिन, निलंबित DIG भुल्लर मामले में आएगा फैसला; बचाव पक्ष ने अधिकार क्षेत्र पर उठाए सवाल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चंडीगढ़ 
रिश्वत मामले में गिरफ्तार पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और उनके बिचौलिए कृष्णु शारदा की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी पर मंगलवार को चंडीगढ़ सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। दोनों आरोपियों को सीबीआई ने पिछले साल 16 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। 

भुल्लर की ओर से दायर डिस्चार्ज अर्जी में कहा गया है कि वह पंजाब सरकार के अधिकारी हैं, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अधिकार सीबीआई के पास नहीं था। अर्जी में दावा किया गया है कि सीबीआई ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और उन्हें गिरफ्तार किया।

एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की
बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राज्य कैडर के आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई से जुड़े मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले का लाभ इस मामले में भी मिलना चाहिए। इसी आधार पर अदालत से उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग की गई है। वहीं, सीबीआई के सरकारी वकील ने इस अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि एजेंसी ने कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई की है।

8 लाख रुपए रिश्वत मांगने का आरोप
यह मामला पिछले साल उस समय सामने आया था, जब मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता की शिकायत पर सीबीआई ने कार्रवाई की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 8 लाख रुपए रिश्वत मांगी गई थी। इसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने हरचरण सिंह भुल्लर और कृष्णु शारदा को गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान वहां से करीब 7.5 करोड़ रुपए नकद, लगभग ढाई किलो सोना और कई महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं। इसके बाद सीबीआई ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू कर रखी है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!