Edition

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की की महिला स्व-सहायता समूह को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र, पंचक्की से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को ‘सहकार प्रेरणा सम्मान’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर के वन धन विकास केंद्र पंचक्की के अनंत स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा पुरस्कार एवं लाभांश राशि प्रदान कर सम्मानित किया। यह समूह वन विभाग के अंतर्गत संचालित वन धन विकास केंद्र से जुड़ा है।

अनंत स्व-सहायता समूह की 10 महिलाएं सामूहिक रूप से च्यवनप्राश सहित विभिन्न औषधीय उत्पादों का निर्माण करती हैं। समूह द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग सहित अन्य संस्थानों एवं उपभोक्ताओं को की जाती है। वर्ष 2024-25 के दौरान समूह ने लगभग 36 लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय कर महिला स्वावलंबन और ग्रामीण उद्यमिता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में श्सहकार से समृद्धिश् के लक्ष्य को नई गति दी है। राज्य सरकार सहकारिता के माध्यम से किसानों, वनवासियों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को मजबूती प्रदान कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक प्रदेश में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इसके लिए अब तक 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!