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ऐप से ई-रिक्शा लॉक होने का दावा कितना सच? साइबर एक्सपर्ट ने बताई हकीकत

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नई दिल्ली
 एक वायरल वीडियो से ईवी की बैटरी सुरक्षा को सस्ती लिथियम बैटरी वाले ई-रिक्शा में लग सकता है 'रिमोट ब्रेक' लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ई-रिक्शा को चलते चलते एक ऐप(BAT/BMS) से लॉक होने की बात कही जा रही है।

बैटरियों में नहीं होती ब्लूटूथ की सुविधा
साइबर एक्सपर्ट शौर्य कौशिक ने बताया कि वायरल वीडियो में जो दावा किया जा रहा है, वैसा कमजोर बैटरी वाले ई-रिक्शा में हो सकता है। भारत में लिथियम बैटरी वाले कई ई-रिक्शा निर्माता अपनी अलग-अलग बैटरी मैनेजमेंट तकनीक और अलग मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते है। इन्हें इस ऐप से कनेक्ट नहीं किया जा सकता।

लेड एसिड बैटरियों पर चल रहे हैं ई-रिक्शा
साथ ही कई ई-रिक्शा पारंपरिक लेड एसिड बैटरियों पर चल रहे हैं। इन बैटरियों में भी ब्लूटूथ की सुविधा नहीं होती। उन्होंने साफ कहा कि यह साइबर सुरक्षा में सेंध या साइबर हमला नहीं है, बल्कि कुछ बैटरी सिस्टम में मौजूद कमजोर सुरक्षा व्यवस्था की समस्या है।

'सभी ई-रिक्शा नहीं हो सकते ऐप से ऑफ'
एनबीटी रिपोर्टर ने इस ऐप को डाउनलोड कर हकीकत जानने की कोशिश की। ई-रिक्शा स्टैंड के बाहर जब इस ऐप को ऑन किया तो इस पर कुछ ब्लूटूथ डिवाइस कनेक्ट हुए, लेकिन इन्हें कनेक्ट करने पर भी बैटरी को बंद करने का विकल्प ऐप पर नही दिखा। द्वारका के ई-रिक्शा डीलर सुमित अग्रवाल ने बताया कि यह ऐप बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए है। यह सिर्फ उन्हीं बैटरियों के साथ काम करता है, जिनमें संबंधित बीएमसी और ब्लूटूथ मॉड्यूल मौजूद होता है। ऐसे ई-रिक्शा को उस ऐप से कट्रोल करना संभव है।

Aditya
Author: Aditya

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