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Employment Report: रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे, 63 फीसदी कर्मचारी नियमित वेतनभोगी

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लुधियाना

पंजाब में रोजगार के मामले में लुधियाना सबसे आगे है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों पर आधारित नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना का श्रमिक जनसंख्या अनुपात 57 प्रतिशत है, जो दिल्ली (41.2 प्रतिशत) और फरीदाबाद (44 प्रतिशत) से बेहतर है। नियमित वेतनभोगियों की हिस्सेदारी भी 63 प्रतिशत है, जो कई बड़े शहरों के बराबर या उनसे बेहतर है।

रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और कपड़ा उद्योगों में कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी जरूरत को देखते हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।

लुधियाना में स्वरोजगार करने वालों का प्रतिशत 34.7 है जबकि आकस्मिक श्रमिक (कैजुअल लेबर) 2.3 प्रतिशत हैं। शहर की बेरोजगारी दर 3.5 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो फरीदाबाद (4.9 प्रतिशत) और दिल्ली (5.3 प्रतिशत) से कम है। हालांकि महिलाओं की श्रम भागीदारी अब भी चिंता का विषय है। महिलाओं का श्रमिक जनसंख्या अनुपात केवल 22.8 प्रतिशत है। महिलाओं में बेरोजगारी दर 3.8 प्रतिशत जबकि पुरुषों में 3.4 प्रतिशत है। दिल्ली में महिलाओं की बेरोजगारी 8.4 प्रतिशत और पुरुषों की 4.7 प्रतिशत दर्ज की गई है।

अमृतसर में रोजगार की तस्वीर कमजोर
रिपोर्ट के अनुसार अमृतसर में रोजगार की स्थिति लुधियाना के मुकाबले कमजोर है। यहां श्रमिक जनसंख्या अनुपात 45.8 प्रतिशत है जबकि पुरुषों में यह 69 प्रतिशत और महिलाओं में केवल 21.2 प्रतिशत है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सरकार रोजगार बढ़ाने के प्रयास कर रही है, लेकिन अपेक्षित परिणाम अभी नहीं मिल पाए हैं। महिलाओं की श्रम भागीदारी यहां भी काफी कम बनी हुई है। 

बेरोजगारी दर 8.7%, महिलाओं पर ज्यादा असर
अमृतसर की कुल बेरोजगारी दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो लुधियाना से काफी अधिक है। पुरुषों में यह 7.6 प्रतिशत और महिलाओं में 12.3 प्रतिशत है। शहर में स्वरोजगार का प्रतिशत 43.9 है। स्वरोजगार में 49.2 प्रतिशत पुरुष और 25.9 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। वहीं आकस्मिक श्रमिकों की हिस्सेदारी 11.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं की रोजगार भागीदारी बढ़ी है, लेकिन यह अब भी संतोषजनक स्तर से काफी नीचे है।

Aditya
Author: Aditya

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