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आरटीई उल्लंघन पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी, 22 जिलों में 687 स्कूलों की पहचान

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 हिसार
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत सीटें न दिखाने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय की टेढ़ी नजर है। इस कड़ी में शिक्षा निदेशालय ने 22 जिलों के अंदर सर्वे कर 687 स्कूलों की पहचान की है, जोकि 3 साल से उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर शिक्षा के नाम पर दुकानें चला रहे थे।

सर्वे रिपोर्ट में उजागर हुआ है कि 687 स्कूलों के पास न मान्यता से संबंधित दस्तावेज मिले और न ही विशेष समयाविधि तक दाखिले करने के अधिकार से कोई संबंधित दस्तावेज मिले।

जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त स्कूलों से दाखिले की शक्ति छीनने का फैसला लिया है। साथ ही सभी उपायुक्त को भी पत्र जारी करने का फैसला लिया है, जोकि गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर आगामी कार्रवाई करेंगे।

413 निजी स्कूलों ने दिखाई 3 हजार सीटें
प्रदेश में 1100 स्कूलों को सर्च किया था। जिनके पास मान्यता से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले थे। सरकार ने स्कूलों को दस्तावेज पूरे करने का समय दिया। जिस पर प्रदेश में 413 निजी स्कूलों ने मान्यता से संबंधित दस्तावेज पूरे कर दिया। साथ ही आरटीई के तहत 3 हजार सीटें भी दिखाई। जिसके बाद सरकार ने शेष 600 से अधिक स्कूलों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए है।

सरकार ने इस बार एक किलोमीटर का दायरा ही रखा है। जिसके दायरे में विद्यार्थी निजी स्कूल में उपरोक्त योजना के तहत आवेदन कर सकेगा। 6 जुलाई तक विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0172-5049801 भी जारी कर दिया है। किसी तरह की कोई शिकायत हो तो अभिभावक उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करवा सकता है।

समस्या की ये सुनवाई करेगी कमेटी
    पहले अभिभावक खंड स्तर पर गठित कमेटी में अपनी शिकायत रख सकते हैं।
    जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी पर अपील लगा सकते हैं
    इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हुआ तो संयुक्त निदेशक प्रशासनिक शाखा के पास शिकायत रख सकते हैं

पंचकूला के मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 687 निजी स्कूलों को जांचा है, जिनके पास मान्यता से संबंधित एक भी दस्तावेज नहीं मिले। समय देने पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए है। जिसके बाद अब एमआइएस पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। साथ ही डीसी को भी स्पष्ट कहा जाएगा कि वे गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें।

 

Aditya
Author: Aditya

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