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एमपी में मानसून का असर तेज, 7 जिलों में हैवी रेन अलर्ट; 2-4 दिन में पूरे प्रदेश में पहुंचेगा मानसून

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​भोपाल
 ​मध्य प्रदेश में जून के महीने में मानसून की सुस्ती के कारण औसत से काफी कम पानी बरसा है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून 2026 तक पूरे राज्य में दीर्घावधि औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई. हालांकि जून के आखिरी दिन मानसून ने जोरदार वापसी की है. जिसको देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल ने राज्य के सभी 55 जिलों में आंधी-तूफान, वज्रपात और तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसमें बालाघाट और डिंडौरी समेत 7 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिनों में मानसून पूरे राज्य को कवर कर लेगा। 

​7 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट
​मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवातीय परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में सिस्टम बेहद मजबूत हो गया है. इसके चलते जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में अलर्ट पर रखा गया है. बालाघाट और डिंडौरी जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और झंझावात के साथ अति भारी बारिश की चेतावनी है. यहां 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि देवास, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा और छिंदवाड़ा जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन सहित प्रदेश के बाकी सभी जिलों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। 

​जून महीने में पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा सूखा
​इस साल जून के महीने में मानसून की रफ्तार बेहद असमान रही. पूरे जून महीने में राज्य में कुल 88.2 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 131.1 मिमी होना चाहिए था. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, ​पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से में सबसे अधिक सूखे जैसे हालात रहे. यहां दीर्घावधि औसत से -59 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड की गई. रीवा, सीधी, सतना और शहडोल संभागों में जून के दौरान सूखे जैसे हालात रहे. इसके अलावा ​पश्चिमी मध्य प्रदेश में स्थिति काफी बेहतर रही, जहा औसत से केवल -7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। 

​आंधी-बारिश से गिरा पारा, कई जिलों में जलभराव और हादसे
​मंगलवार को प्रदेश के 23 जिलों में बारिश रिकार्ड की गई. सतना में डेढ़ इंच पानी गिरा, जिससे सड़कों पर जलभराव हो गया. वहीं आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट आई है. भोपाल में अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री, इंदौर में 33 डिग्री और जबलपुर में 32 डिग्री दर्ज किया गया. हालांकि, इस दौरान बिजली गिरने से हरदा और खरगोन में 3 लोगों की मृत्यु हो गई। 

यह है ​मानसून की मौजूदा स्थिति
​30 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और भागों को कवर कर लिया है. इस समय मानसून की उत्तरी सीमा सूरत, इंदौर, सागर और सीधी से होकर गुजर रही है. मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''अगले 2 से 4 दिनों में भोपाल, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा. इसके साथ ही गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 

Aditya
Author: Aditya

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