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पंजाब में बेअदबी कानून को लेकर बड़ा दिन, अकाल तख्त के समक्ष आज अपना पक्ष रखेगी सरकार

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अमृतसर.

आम आदमी पार्टी ने फैसला किया है कि सोमवार को पार्टी के सभी मंत्री व विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। रविवार को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान की उपस्थिति में पार्टी विधायकों व मंत्रियों की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।

श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून के प्रावधानों में संशोधन नहीं करने पर विधानसभा के सभी सिख विधायकों व पूरी कैबिनेट को 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। रविवार को बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल के साथ पत्रकारों से वार्ता करते हुए भगवंत मान कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से जारी प्रत्येक आदेश का अक्षरशः पालन किया जाएगा। पार्टी के सभी मंत्री, विधायक तथा विधानसभा के स्पीकर, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा तलब किया गया है, सोमवार को विनम्र सिख के रूप में सरकार की स्थिति स्पष्ट करेंगे तथा अपना पक्ष रखेंगे।

वीडियो से संबंधित विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे
इसके अलावा उनकी नकल करने वाले व्यक्ति के फर्जी वीडियो से संबंधित समस्त विवरण भी श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपेंगे। मान ने कहा कि उन्हें पेश होने के लिए कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। महाराष्ट्र सरकार द्वारा 70 वर्ष पुराने "नांदेड़ सिख गुरुद्वारा सचखंड श्री हजूर अबचलनगर साहिब अधिनियम, 1956" को निरस्त करने के निर्णय पर मुख्यमंत्री ने कहा, "महाराष्ट्र सरकार को सिख कौम के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को ऐसे कदम उठाने से बचना चाहिए जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। राजनीति और धर्म दोनों अलग-अलग विषय हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में आपस में नहीं मिलाया जाना चाहिए।

15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने दिया था करार
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के कथित वीडियो को लेकर 15 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने गुरु व पंथ दोखी (गुरु व पंथ के दोषी) करार दिया था। इसी कारण मान को पेश होने के लिए नहीं कहा गया है। मान ने कहा कि एसजीपीसी ने अब गुरुद्वारों के बाहर मेरे सामाजिक बहिष्कार के पोस्टर लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने सवाल किया कि शिरोमणि अकाली दल अथवा सुखबीर बादल के खिलाफ ऐसे पोस्टर कभी क्यों नहीं लगाए गए, जबकि उन्होंने स्वयं बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी स्वीकार की थी? मान ने कहा कि संगत समझदार है और जनता सर्वोच्च है। आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल मुझे धार्मिक रूप से बदनाम कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।

Aditya
Author: Aditya

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