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पर्यावरण नेतृत्व की मान्यता: पीएम मोदी को सेशेल्स ने दिया शीर्ष सम्मान

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विक्टोरिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में नेतृत्व के लिए सेशेल्स की ओर से देश का सर्वोच्च सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ प्रदान किया गया है। रविवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उन्हें ये सम्मान दिया। 'गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन' सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की लंबे समय से जारी उस नीति और दृष्टिकोण को मान्यता देता है, जिसमें सतत विकास, हरित विकास और पर्यावरण-अनुकूल नीतियों पर जोर दिया गया है।

पीएम मोदी के 'ग्रीन विजन' को मान्यता
यह उपाधि उन कई वैश्विक मान्यताओं में नवीनतम है, जो प्रधानमंत्री मोदी को जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मिल चुकी हैं। पिछले महीने मई 2026 में, संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) ने उन्हें कृषि क्षेत्र को मजबूत करने, खाद्य सुरक्षा बढ़ाने और सतत कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए एग्रीकोला मेडल प्रदान किया था।

सेशेल्स द्वारा दिया गया यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के वैश्विक पर्यावरणीय नेतृत्व और “ग्रीन विज़न” को और अधिक मजबूत मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। भारत के पीएम तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर शनिवार को सेशेल्स पहुंचे। जहां राष्ट्रपति हर्मिनी ने उनका औपचारिक स्वागत किया।

सेशेल्स के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता
रविवार को स्टेट हाउस में प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

नेशनल एसेंबली को संबोधित कर रचेंगे इतिहास
पीएम मोदी भारतीय समुदाय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करेंगे। जिसके साथ ही वे दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित किया है।

सेशेल्स रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने खुद इसकी जानकारी दी थी। एक्स पर उन्होंने लिखा, "मुझे सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बनने का सम्मान प्राप्त होगा। यह ऐतिहासिक अवसर उन सशक्त लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का प्रतीक है, जो हमारे दोनों देशों को एक-दूसरे से जोड़ती हैं

Aditya
Author: Aditya

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