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आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को नालों की जांच की जिम्मेदारी, हरियाणा में जलभराव रोकने की तैयारी

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चंडीगढ़
 हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी।

सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए।

विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

Aditya
Author: Aditya

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