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शिक्षा से रोजगार तक बड़ा फोकस: सीएम योगी के मार्गदर्शन में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई तस्वीर

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लखनऊ. 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए लगातार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) उन बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है, जिन्होंने अपने माता-पिता अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है। इसके साथ ही बालश्रम, भिक्षावृत्ति एवं वैश्यावृत्ति जैसी परिस्थितियों से मुक्त कराकर पुनर्वासित बच्चों को भी इस योजना के माध्यम से पारिवारिक वातावरण में बेहतर जीवन उपलब्ध कराया जा रहा है।

आर्थिक सहायता से बच्चों को मिल रहा बेहतर भविष्य
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2,500 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वहीं, ऐसे युवक-युवतियां जिन्होंने माता-पिता दोनों अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक स्नातक डिग्री या डिप्लोमा पूरा करने के लिए प्रतिमाह 2,500 रुपए की सहायता दी जा रही है। योगी सरकार की इस पहल से बच्चों की शिक्षा और भविष्य सुरक्षित हो रहा है। वर्तमान समय में प्रदेशभर में कुल 1,03,611 बच्चे इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता किसी संबल से कम नहीं है। योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि बच्चों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना भी है।

बाल संरक्षण को मिल रही नई मजबूती, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर
योगी सरकार बाल संरक्षण और पुनर्वास को लेकर विशेष रूप से गंभीर नजर आ रही है। बालश्रम और भिक्षावृत्ति जैसी समस्याओं से मुक्त कराए गए बच्चों को परिवार आधारित वातावरण में पुनर्वासित कर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनका सामाजिक विकास भी सुनिश्चित हो रहा है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है। कई छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की मंशा है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सुरक्षा कवच साबित हो रही है। वहीं बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

प्रदेश के सभी जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत आने वाले समस्त पात्र बच्चों की प्राथमिकता के आधार पर पहचान कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाए। इसके लिए जिले स्तर पर व्यापक सर्वेक्षण, सत्यापन एवं जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि पात्रता रखने वाला कोई भी बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
सी. इंदुमति, निदेशक, महिला कल्याण विभाग

Aditya
Author: Aditya

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