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फसल नुकसान झेल रहे किसानों को सरकार का तोहफा, 13 जिलों में कृषि इनपुट अनुदान जारी

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पटना
खेतों में लगी फसल की क्षति के बाद मुआवजे के इंतजार कर रहे बिहार के किसानों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री मंत्री सम्राट चौधरी ने इन किसानों को फसल क्षति की राशि सीधे उनके खाते में भेज दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को 13 जिलों के 3.96 लाख किसानों के खाते में 200 करोड़ की अनुदान राशि हस्तांतरित की है। यह राशि फसल क्षति के लिए कृषि इनपुट अनुदान के रूप में दी गई है। लोक सेवक आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि है आगे भी जिन किसानों के आवेदन आए हैं, उन्हें कृष इनपुट अनुदान की राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है की डबल इंजन की सरकार बिहार के किसानों के लाभ के लिए काम कर रही है। आपको बता दें कि हाल ही में बिहार समेत देश भर के करोड़ों किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त आई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 जून को करीब साढ़े नौ लाख किसानों के खाते में 2-2 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। अब आज बिहार के किसानों को फसल क्षति अनुदान सीएम सम्राट चौधरी ने ट्रांसफर किया है।

दरअसल 2025-26 के दौरान जिन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा था। उन्हीं किसानों को सरकार द्वारा यह जरूरी मदद दी जा रही है। मार्च के तीसरे और चौथे हफ्ते में अचानक आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश तथा ओलावृष्टि से रबी की फसल को बिहार में काफी नुकसान पहुंचा था। जिन किसानों के फसल का नुकसान हुआ है सीएम ने उनके खाते में मुआवजे की राशि भेजी है।

आपको बता दें कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सरकार आंधी, बारिश या सूखाड़ समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों के फसल का नुकसान होने पर उन्हें मुआवजा देती है। यह योजना करीब 2 हेक्टेयर भूमि में हुए फसल के नुकसान तक के लिए मान्य है।

कृषि इनपुट अनुदान योजना में कितनी राशि मिलती है
आपको यहां बता दें कि इस योजना के तहत सरकार ने न्यूनतम सहायता राशि भी तय कर दी है। इसके तहत असिंचित क्षेत्र के लिए कम से कम 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसलों के लिए न्यूनतम 2,500 रुपये का अनुदान दिया जाता है। इसकी एक खास बात यह भी है कि इस योजना का लाभ सिर्फ भू-स्वामी किसान ही नहीं बल्कि रैयत और गैर रैयत (बटाईदार या पट्टे पर खेती करने वाले) किसान भी ले सकते हैं।

Aditya
Author: Aditya

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