Edition

रांची फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में बड़ा विस्तार, पीपीपी मॉडल पर शुरू होंगे एविएशन कोर्स

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रांची
 झारखंड सरकार ने राज्य में विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग) के तहत स्थापित झारखंड फ्लाइंग इंस्टिट्यूट में एयर होस्टेस के अलावा केबिन क्रू एवं ग्राउंड हैंडलर के गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हेतु पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मोड पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिया गया है।

इसके साथ ही रांची में जल्द ही एयर होस्टेस, केबिन क्रू ट्रेनिंग (डिप्लोमा अथवा सर्टिफिकेट कोर्स) और ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।

प्रशिक्षण पीपीपी मोड पर निजी भागीदार के साथ संचालित होगा, जिसमें आधुनिक बुनियादी ढांचा, केबिन माक-अप और प्रतिष्ठित संस्थानों से मान्यता शामिल होगी। पहले चरण में सितंबर से सैकड़ों युवाओं, विशेषकर महिलाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है, जिसके लिए प्रशिक्षण शुल्क निर्धारित किया गया है।

60 हजार से 1.20 लाख तक खर्च का अनुमान
इंस्टिट्यूट द्वारा पहले से ही नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मानकों के अनुरूप कामर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) को लेकर आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अब एयर होस्टेस और ग्राउंड स्टाफ प्रशिक्षण जुड़ने से यह संस्थान पूर्वी भारत में विमानन प्रशिक्षण का अग्रणी केंद्र बनकर उभरेगा। प्रारंभिक तौर पर राज्य सरकार और परिवहन विभाग किसके लिए 60 हजार एवं 1,20,000 रुपये फीस निर्धारित करने का निर्णय ले सकता है।

डिप्लोमा कोर्स के लिए 60,000 रूपये का फीस होगा जबकि सर्टिफिकेट कोर्स के लिए यह राशि 1.2 लाख रुपये हो सकती है। सरकार इस मामले में कमजोर वर्गो के विद्यार्थियों को राहत देने का मन बना रही है।

इंडस्ट्री लिंक्ड सिलेबस लागू होगा
अधिकारियों के अनुसार, निजी भागीदारी के सहयोग से अत्याधुनिक ट्रेनिंग सुविधा, लाइब्रेरी और इंडस्ट्री-लिंक्ड सिलेबस लागू किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद युवाओं को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस में बेहतर वेतनमान वाली नौकरियों में प्लेसमेंट के अवसर मिलेंगे।

जेएफआई के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा ने कहा, यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जो न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी बल्कि झारखंड को विमानन क्षेत्र में पसंदीदा गंतव्य भी बनाएगी।

उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में सैकड़ों स्थानीय युवा एयर होस्टेस, केबिन क्रू और ग्राउंड हैंडलिंग पदों पर काम करते नजर आएंगे। यह कदम राज्य के ग्रामीण एवं शहरी युवाओं को समान अवसर प्रदान करेगा और विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!