Edition

रोहतक में डॉक्टरों और शिक्षक से लंबी पूछताछ, NEET मामले में नहीं मिले ठोस सबूत

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रोहतक
 नीट परीक्षा पेपर संबंधित सूचना पर सोनीपत एसटीएफ ने रोहतक के दो चिकित्सकों और एक शिक्षक से करीब 13 घंटे तक गहन पूछताछ की। हालांकि प्रारंभिक जांच में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम-2024 के उल्लंघन से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर तीनों को छोड़ दिया गया है।

जानकारी के अनुसार एसटीएफ को सूचना मिली थी कि नीट परीक्षा के नाम पर प्रश्नपत्र बेचने अथवा अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने रोहतक में छापेमारी कर एक निजी अस्पताल से जुड़े दो चिकित्सकों और एक शिक्षक को पकड़ कर पूछताछ की। हालांकि मामला अस्पताल में लेन-देन से संबंधित बताया गया है।

पूछताछ के दौरान एसटीएफ ने तीनों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को फोन में परीक्षा की तैयारी से जुड़े प्रश्न और अध्ययन सामग्री तो मिली, लेकिन अब तक ऐसा कोई दस्तावेज या प्रश्नपत्र बरामद नहीं हुआ है जिसे नीट परीक्षा का वास्तविक पेपर माना जा सके।

डीएसपी सांपला राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज करने योग्य साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल कोई एफआइआर दर्ज नहीं की गई है।

हालांकि मामले की जांच अगले 14 दिन तक जारी रहेगी और संबंधित व्यक्तियों को जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी पूछताछ की जाएगी।

 

Aditya
Author: Aditya

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

error: Content is protected !!