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डीएमसी मॉल में आम प्रदर्शनी, लोगों ने खरीदा नहीं सिर्फ फोटो खींचे

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धनबाद
 धनबाद के डीएमसी माल में आमोत्सव लगा हुआ है। बहुत अधिक नहीं लेकिन 10 स्टाल लगे थे। इन्हीं में एक स्टाल पर बोर्ड टंगा था इसे छुना मना है। बोर्ड देख लोग आते, कीमत पूछते और फिर आम को उठाने के लिए जैसे ही आगे बढ़ते तभी एक भारी आवाज आती।

इसे मत छुओ यह मियांजाकी है। कीमत तीन लाख रुपये प्रति किलो। यानी एक आम की कीमत भी 1200 से 1500 रुपये। धनबाद में पहली बार आमोत्सव का आयोजन हुआ और उसमें भी मियांजाकी, खरीदने की हिम्मत किसी में नहीं थी, लेकिन देखने और उसकी तस्वीर लेने का तांता लगा हुआ था।

मियांजाकी का यह क्रेज यहां देखने को मिला। जापान का यह आम धनबाद के लिए बहुत खास बना हुआ है। मां धरती फाउंडेशन की ओर से इसकी खेती धनबाद में की जा रही है। फाउंडेशन की ओर से इसे पहली बार धनबाद के बाजार में उतारा गया है।

जेएसएलपीएस की ओर से आयोजित किया गया आमोत्सव
धनबाद में ग्रामीण विकास शाखा और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड सोसाइटी की ओर से पहली बार आयोजित किए गए आमोत्सव में जिले के ग्रामीण इलाकों से आए किसानों ने अपने आमों को यहां प्रदर्शित किया और उसकी बिक्री भी की।

आमोत्सव का उद्घाटन उपायुक्त आदित्य रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार और उपविकास आयुक्त सन्नी राज ने संयुक्त रूप से किया। उपायुक्त रंजन ने बताया कि इस आयोजन का मकसद धनबाद के आम की बागवानी से जुड़े किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए किया गया है।

उन्होंने कहा कि धनबाद में अभी बहुत अधिक मात्रा में आम की पैदावार नहीं हो रही है, लेकिन योजना है कि मनरेगा के तहत पांच एकड़ में आम के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि धनबाद के आम को अन्य प्रदेशों में भी भेजने की योजना है। इसके अलावा धनबाद के बाजारों को सुदृढ़ भी किया जाएगा।

टुंडी में आम्रपाली की खेती
टुंडी के मछियारी पंचायत से आई अनीता मरांडी ने बताया कि इस बार आम्रपाली आम बहुत अच्छे हुए हैं। सबसे अधिक भीड़ भी उनके ही स्टाल पर रही। उन्होंने बताया कि टुंडी में आम की सामूहिक खेती की गई है। इस बार बरसात में और अधिक पौधे लगाने की योजना है। उन्होंने बताया कि जो पैदावार हो रही है, उसकी खपत धनबाद में ही है।

 

Aditya
Author: Aditya

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