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महाराष्ट्र राजनीति: उद्धव गुट में बगावत, 6 सांसद मीटिंग से गायब, नोटिस जारी

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महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बगावत के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। कोल्हापुर में आयोजित एक धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अब कोई 'गुट' नहीं बचा है; बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली और इकलौती शिवसेना है।

अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव खेमे के कई सांसदों के बागी होने की खबरें हैं और पार्टी पूरी तरह टूटने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है।

'पहले कहना पड़ता था शिंदे गुट…'
कोल्हापुर की रैली में शाह ने कहा, "पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर 'शिवसेना शिंदे गुट' कहना पड़ता था। लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है। अब केवल एक ही शिवसेना है

इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कोल्हापुर के प्रसिद्ध माता अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से कराए जा रहे माता अंबाबाई मंदिर परिसर और कॉरिडोर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'विकास भी, विरासत भी' का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है और राज्य के सभी ज्योतिर्लिंगों तथा शक्तिपीठों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है।

'ऑपरेशन टाइगर' से उद्धव खेमे में खलबली
शाह का यह बयान महज एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उद्धव खेमे में मचे मौजूदा घमासान से जुड़ा है। दरअसल, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच उद्धव गुट के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं। सांसदों के गायब होने और खुलेआम बगावती तेवर दिखाने के कारण पार्टी भारी संकट से गुजर रही है।

मीटिंग से 6 सांसद गायब, दल-बदल कानून के तहत चेतावनी
उद्धव गुट की यह कलह गुरुवार को नई दिल्ली में तब खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी नेतृत्व की ओर से बुलाई गई अनिवार्य संसदीय दल की बैठक से ज्यादातर सांसद नदारद रहे। लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं, लेकिन पार्टी व्हिप द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 3 सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी के 6 सांसद- नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक से पूरी तरह नदारद रहे।

इस खुली बगावत के बाद शिवसेना (UBT) ने सख्त एक्शन लिया है। लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप अनिल देसाई ने गायब रहे सभी सांसदों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है।

24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम
पार्टी की तरफ से बागी सांसदों को लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय के भीतर उनका जवाब नहीं आता है, तो पार्टी यह मान लेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद इन सांसदों के खिलाफ भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची यानी 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Aditya
Author: Aditya

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