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ओपीडी में ताला, भीतर कैद रहीं छात्राएं, जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल……

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सतना…….

कर्मचारी की लापरवाही से आधे घंटे से अधिक समय तक फंसी रहीं छात्राएं, अस्पताल प्रबंधन ने साधी चुप्पी….

सतना। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की नई ओपीडी में मंगलवार को ऐसी लापरवाही सामने आई, जिसने मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी। डॉक्टर को दिखाने आई दो छात्राएं ओपीडी भवन के अंदर ही कैद हो गईं, क्योंकि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी सभी दरवाजों पर ताला लगाकर चला गया।

जानकारी के अनुसार, इंदिरा कॉलेज की दो छात्राएं उपचार के लिए जिला अस्पताल की ओपीडी पहुंची थीं। अस्पताल में निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 2 बजे ओपीडी बंद की जाती है, आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात चपरासी ने भवन की पूरी तरह जांच किए बिना ही ओपीडी के चारों दरवाजों पर ताला जड़ दिया और वहां से चला गया। इस दौरान दोनों छात्राएं अंदर ही मौजूद थीं।

काफी देर तक बाहर निकलने का रास्ता न मिलने पर छात्राएं ओपीडी परिसर में इधर-उधर भटकती रहीं। जब कोई सहायता नहीं मिली तो उन्होंने शोर मचाना शुरू किया, आवाज सुनकर आसपास मौजूद मेडिकल स्टाफ का ध्यान उनकी ओर गया, इसके बाद संबंधित कर्मचारी की तलाश शुरू की गई और काफी मशक्कत के बाद ताला खोला गया। तब जाकर छात्राएं बाहर निकल सकीं।

घटना के दौरान छात्राएं घबराई हुई नजर आईं। हालांकि बाहर निकलने के बाद उन्होंने किसी प्रकार की शिकायत दर्ज नहीं कराई, लेकिन इस घटना ने अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं,
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओपीडी बंद करने से पहले यह सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया कि भवन के भीतर कोई मरीज या परिजन मौजूद तो नहीं है, वहीं घटना को लेकर अस्पताल प्रबंधन भी खुलकर कुछ बोलने को तैयार नहीं दिखा।

यह घटना दर्शाती है कि छोटी सी लापरवाही किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है, ऐसे में जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करना और व्यवस्थाओं की समीक्षा करना आवश्यक माना जा रहा है।

Amit Mishra
Author: Amit Mishra

Group Editor, Rewanchal Roshni News Group

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