चित्रकूट। बाढ़ की त्रासदी के बीच दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा संगठन सचिव श्री अभय महाजन के नेतृत्व में राहत एवं सेवा कार्य लगातार जारी हैं। सह-संगठन सचिव श्री अनिल अग्रवाल सभी राहत टीमों का समन्वय कर रहे हैं।

संस्थान की टीमों ने आज चित्रकूट के सात बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए, जहां कुल 968 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। वहीं बाढ़ प्रभावित वार्ड क्रमांक 4, 5, 6, 8, 9, 10, 11 और 12 में घर-घर सर्वे कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान 1197 परिवारों/घरों का सर्वे किया गया।

बाढ़ से अति प्रभावित चार वार्डों में लगभग 700 लोगों को खिचड़ी का वितरण कर भोजन उपलब्ध कराया गया। पेयजल संकट को देखते हुए संस्थान द्वारा टैंकरों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र मझगवां की टीम ने 212 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण किया। इसके अलावा चंदई, कटुहा मिचकुरिन, बेल्हा और भरगवां गांवों में पानी का क्लोरीनेशन कराया गया। कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां द्वारा 910 पशुओं का टीकाकरण किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बाढ़ और अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का स्थलीय आकलन भी शुरू कर दिया है। बघरेही, रैपुरा, अरवारा और रामनगर गांवों का भ्रमण कर फसल क्षति का जायजा लिया गया।

संस्थान द्वारा 2000 से अधिक राहत सामग्री किट वितरण के लिए तैयार की गई हैं। दीनदयाल शोध संस्थान के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में पूरी तत्परता से जुटे हैं। इस सेवा अभियान को समाज का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है।










