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महिला की मौत के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई, नायब तहसीलदार निलंबित

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सूरजपुर.

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद बवाल के मामले में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। प्रशासनिक लापरवाही के मामले में सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने नायब तहसीलदार करमचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। करमचंद जाटवर बिहारपुर में प्रभारी तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे।

जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को ग्राम कुबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने में देरी और लापरवाही बरतने का मामला सामने आया था। इस संबंध में मिली शिकायत और जांच प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासनिक शिथिलता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।

निलंबन का आदेश जारी
संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला
बता दें कि चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुबेरपुर में 17 अक्टूबर को स्कूटी सवार चंद्रावती जायसवाल को गिट्टी लोड ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी थी। हादसा इतना भीषण था कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी और चालक मौके से वाहन समेत फरार हो गया था। कुछ देर बाद ग्रामीणों ग्रामीणों ने बस्ती से क्रशर को हटाने और मृतका के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने बाद में ट्रैक्टर और पाठक क्रशर में आग लगा दी थी।

ग्रामीणों ने अधिकारियों को बना लिया था बंधक
जानकारी पर मौके में पहुंची पुलिस और प्रशासन टीम ने स्थिति नियंंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहारपुर तहसीलदार करमचंद जाटवर, एसडीओपी और थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता को बंधक बना लिया था।

मंत्री राजवाड़े ने पुलिस-प्रशासन को लगाई थी फटकार
इधर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने घटना के बाद चक्काजाम और आगजनी मामले में ग्रामीणों पर हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन को जमकर फटकार लगाई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब घटना दोपहर 12 बजे हुई और आगजनी शाम 6 बजे हुई, तब तक पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था ? मंत्री ने यह भी कहा था कि तीन दिन में छह ग्रामीणों को जेल भेज दिया गया, लेकिन अब तक यह पता नहीं लगाया जा सका कि संबंधित क्रशर वैध है या नहीं।

मंत्री राजवाड़े ने हादसे के जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक पर कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई थी और पुलिस की कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए उन्होंने ग्रामीणों पर जबरन फर्जी केस बनाकर फंसाने का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल किया था कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है ? घटना के दौरान कांग्रेस के एक नेता के हाथ में लाठी लेकर दौड़ाने की बात सामने आई, फिर उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई ?

Aditya
Author: Aditya

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